अमरोहा में बुजुर्गों, युवाओं और किशोरों के बाद अब कोरोनारोधी वैक्सीन के टीकाकरण के लिए पांच से 12 साल तक के बच्चों बारी है। सरकार ने बच्चों को वैक्सीन का टीका लगाने की मंजूरी दे दी है। स्वास्थ्य विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है। हालांकि अभी शासन से लक्ष्य नहीं मिला है। स्वास्थ विभाग ने प्राइमरी स्कूलों से पांच से 12 साल तक के बच्चों का डाटा मांगा है। वहीं अभिभावक भी टीकाकरण शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। बच्चों के टीकाकरण को लेकर अभिभावकों में उत्साह है। उनका कहना है कि सरकार टीकाकरण की शुरुआत करे। हम लगवाने को तैयार हैं। कोरोना से बचाव के लिए टीका ही सुरक्षित उपाय है।
जिले में अभी तक 18 साल से अधिक आयु के युवा और बुजुर्गों को मिलाकर 12,88,433 लोगों को पहली डोज और 10,51,549 लोगों को दूसरी डोज का टीका लग चुका है। किशोरों की बात करें तो 15 से 18 साल तक के 86,639 किशोरों को पहली डोज और 48, 256 को दूसरी डोज लगी है। वहीं 12 से 15 साल के किशोरों में 34,320 को पहली डोज और 959 किशोरों को दूसरी डोज लग चुकी है। अब पांच से 12 साल के बच्चों को वैक्सीन का टीका लगाने की बारी है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ राजकुमार ने बताया कि पांच से बारह साल तक के बच्चों को कोरोनारोधी टीका लगाने को मंजूरी तो मिल गई है, लेकिन शासन से अभी कोई आदेश नहीं मिला है। कितने बच्चों को टीका लगना है, यह लक्ष्य भी नहीं मिला है। फिर भी स्थानीय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर इस उम्र के बच्चों का डाटा मांगा गया है। शासनादेश मिलने के बाद टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा।
ये बोले अभिभावक
कोरोना से बचाव के लिए टीका ही सुरक्षा कवच है। उन्होंने भी वैक्सीन का टीका लगवाया है। अब बच्चों के टीकाकरण को मंजूरी मिली है। यह राहत की बात है। टीका लगने के बाद बच्चे भी कोरोना से सुरक्षित हो जाएंगे। उनकी दूसरे लोगों से भी अपील है कि वे भी अपने बच्चों को टीका जरूर लगवाएं।
- दिनेश, अभिभावक
कोरोना की दूसरी लहर ने पूरे देश में बड़ा नुकसान पहुंचाया था। कोरोनारोधी टीका लगने की वजह से तीसरी लहर में कोरोना वायरस ज्यादा असर नहीं डाल सका। अब बच्चों के टीका लगाने की बारी आई है। वे अपने बच्चों को वैक्सीन का टीका जरूर लगवाएंगे। कोरोना से बचने का एक मात्र उपाय टीका है।
- नीरजा रानी, अभिभावक