शिक्षा विभाग के बीईओ के अनुसार सेंटमेरी स्कूल ने बच्चों को दाखिला देने से हाथ खींच लिए हैं। स्कूल का कहना है कि अपने नियमों के तहत वह बीच सत्र में दाखिला नहीं ले सकेंगे। जिससे बच्चों के परिजनों की चिंता बढ़ गई है।
चार माह पहले हिल्टन कॉन्वेंट स्कूल में छात्र के टिफिन में नॉनवेज मिलने पर विवाद खड़ा हो गया था। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मामला तूल पकड़ने पर स्कूल प्रबंधन ने प्रधानाचार्य को छुट्टी पर भेज दिया था। वहीं, डीआईओएस स्तर से जांच कमेटी बनाई गई थी। जबकि, प्रशासन की मौजूदगी में स्कूल प्रबंधन और छात्र के परिजनों के बीच वार्ता हुई थी। छात्र की मां ने स्कूल में पढ़ने वाले तीनों बच्चों को वहां से दूसरे स्कूल में स्थानांतरित कराने की मांग उठाई थी। लेकिन, चार माह बाद भी बच्चों को कहीं दाखिला नहीं दिलाया गया। ऐसे में बच्चे मां की ओर प्रकरण को लेकर हाईकोर्ट में रिट दायर की।
19 दिसंबर को हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए जिला मजिस्ट्रेट को दो सप्ताह के भीतर बच्चों का दाखिला सीबीएसई से संबद्ध किसी दूसरे स्कूल में दिलाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद बीएसए ने बीईओ को जांच देते हुए बच्चों का दाखिला कराने की जिम्मेदारी दी थी। हिल्टन स्कूल से टीसी जारी कराने के बाद बच्चों का उनके पसंदीदा स्कूल में दाखिला दिलाने की प्रक्रिया शुरू हुई। बच्चों के परिजनों ने अमरोहा के सेंटमेरी में पढ़ने की इच्छा जताई।
मामला नगर से जुड़ा होने के चलते बीईओ सोनू कुमार बच्चों व उनकी मां के साथ शुक्रवार को सेंटमेरी पहुंचे और प्रबंधन से वार्ता कराई, लेकिन अन्य प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। एक तरफ जहां बीईओ की ओर से बच्चों के परिजनों को सेंटमेरी में दाखिला दिलाने का आश्वासन दे रखा है, वहीं अब स्कूल प्रबंधन की ओर से हाथ खड़े कर दिए गए हैं।
हाईकोर्ट ने डीएम को दी थी जिम्मेदारी
बच्चों की मां की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 17 दिसंबर को अमरोहा के जिला मजिस्ट्रेट को निर्देश जारी किए। जिसमें इन बच्चों को दो सप्ताह के भीतर सीबीएसई से संबद्ध किसी अन्य स्कूल में दाखिला दिलाएं और इस अदालत के समक्ष अनुपालन का हलफनामा दाखिल करें। निर्देश दिया कि छह जनवरी 2025 को हाईकोर्ट में फिर से सुनवाई होगी। हाईकोर्ट की ओर से कहा गया कि अगर जिला मजिस्ट्रेट अमरोहा द्वारा कोई हलफनामा दाखिल नहीं किया जाता है, तो उन्हें अगली तारीख पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।
मां बोलीं- अधिकारी नहीं दिखा रहे दिलचस्पी
बच्चों की मां का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की ओर से भी दाखिला दिलाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है। शनिवार के बाद वह सोमवार को भी बीईओ के आने और फोन का इंतजार करती रही। अब उन्हें बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता सताने लगी है।
- सेंटमेरी प्रबंधन का कहना है कि स्कूल नियमों के अनुसार बीच सत्र में बच्चों का दाखिला नहीं लिया जा सकता है। इसके लिए विभाग को लिखित में पत्र भेजने की बात कही है। जल्द ही दूसरे स्कूल में दाखिला दिलाया जाएगा।
- सोनू कुमार, बीईओ
- हम मध्य सत्र में बच्चों दाखिला लेने में असमर्थ हैं। नियमानुसार मध्य सत्र में बच्चाें को दाखिला नहीं लिया जा सकता हैं। इस संबंध में हमारी ओर से शिक्षा विभाग के अधिकारियों को लिखित में पत्र दे दिया गया है। हमारे ही नहीं अन्य स्कूलों में भी ऐसा ही नियम है।
-एफआर मार्टिन रावत, मैनेजर, सेंटमेरी स्कूल