गांव कालका वाली डगरोली में नीलगाय पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया, जिससे वह घायल हो गई। घायल होने के बाद नीलगाय आबादी में पहुंचकर बेहोश हो गई और कुछ समय बाद ही उसकी मौत हो गई। घटना से ग्रामीणों में रोष है। अज्ञात लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
यह घटना कोतवाली क्षेत्र के गांव कालका वाली डगरौली की है। सोमवार सुबह करीब सात बजे ग्रामीणों ने वन विभाग के दरोगा पलटराम को सूचना दी कि गांव की आबादी में एक नीलगाय बेहोशी की हालत में पड़ी है।
ग्रामीणों ने नीलगाय को गोली लगने की आशंका भी जताई। सूचना मिलने पर वन दरोगा पलटराम, वनकर्मी ताहिर अली टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। उधर, कोतवाली से भी पुलिस की टीम गांव पहुंच गई। घटना के बारे में ग्रामीणों से जानकारी की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि खेतों की तरफ से घायल अवस्था में नीलगाय गांव की आबादी में घुस गई और रास्ते पर बेहोश होकर गिर गई। कुछ समय बाद नीलगाय की मौत हो गई। इसके बाद वन विभाग की टीम नीलगाय के शव को लेकर पशु चिकित्सालय हसनपुर पहुंची, जहां उसका पोस्टमार्टम किया गया। शव का पोस्टमार्टम करने वाले उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. चंद्रजीत सिंह का कहना है कि नीलगाय को गोली नहीं लगी थी, उसकी मौत धारदार हथियार लगने की वजह से हुई है।
वन दरोगा पलटराम ने अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी। वहीं सीओ दीप कुमार पंत ने बताया कि तहरीर के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।