पालिका प्रशासन की छोटी सी लापरवाही चार गोवंशीय पशुओं की जिंदगी पर भारी पड़ गई। पालिका अधिकारी या कर्मचारी ध्यान देते तो पानी की लीकेज बंद हो जाती।
परिसर में कीचड़ व गंदगी न होती और न ही ठंड से गोवंशीय पशुओं की जान जाती। बृहस्पतिवार को गोशाला में पहुंचीं एसडीएम ने पाइप लीकेज ठीक कराई, जो सिर्फ 50 रुपये में हो गई। वहीं, एसडीएम की मौजूदगी में गोशाला परिसर में सीमेंट की टाइल्स भी बिछाई गई हैं।
नगरपालिका की ओर से संचालित गोशाला में बुधवार को तीन गाय और एक बछड़े की मौत हो गई थी। इस पर बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ताओं ने गोशाला पहुंचकर जमकर हंगामा किया था। उन्हाेंने कई घंटे तक मंडी धनौरा में तहसील के सामने चांदपुर-गजरौला मार्ग पर जाम भी लगाया था। गोशाला परिसर में भारी कीचड़ और गंदगी पसरी हुई थी। वहीं, बृहस्पतिवार को निरीक्षण करने पहुंचीं एसडीएम चंद्रकांता भी हैरान रह गई। ईओ का कहना था कि पानी के पाइप में लीकेज के कारण परिसर में कीचड़ व गंदगी पसरी है।
एसडीएम ने कराई सफाई
एसडीएम ने अपनी मौजूदगी में सफाई कराई। उन्होंने परिसर में सीमेंट की टाइल्स लगवाई। टीन शेड में गोवंशीय पशुओं के बैठने के लिए गद्दे डलवाए। एसडीएम ने बताया कि पानी के पाइप की लीकेज को ठीक कराने पर केवल 50 रुपये खर्च हुए है। अगर पालिका प्रशासन पाइप की लीकेज ठीक करा देता तो शायद चार गोवंशीय पशुओं की मौत नहीं होती। उधर, एसडीएम ने तहसील क्षेत्र के सभी गोशालाओं का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाएं देखी।
ईओ और गोशाला प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई तय
बछरायूं।
नगरपालिका की ओर से संचालित गोशाला में चार गोवंशीय पशुओं की मौत के मामले में ईओ और गोशाला प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है। वहीं, पालिकाध्यक्ष के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए संस्तुति की जा रही है। एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को प्रेषित कर दी है।
बुधवार को पालिका की गोशाला में तीन गाय व एक बछड़े की मौत पर बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया था। कार्यकर्ताओं ने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर तहसील कार्यालय के बाहर जाम भी लगाया था। डीएम ने मामले की जांच मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व एसडीएम को सौंपी थी। एसडीएम ने जांच रिपोर्ट में गोशाला में गोवंशीय पशुओं की मौत के लिए ईओ व गोशाला प्रभारी की लापरवाही को जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
वहीं, बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ताओं की मांग पर पालिकाध्यक्ष के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है। एसडीएम चंद्रकांता ने बताया कि उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को प्रेषित कर दी है। आगे की कार्रवाई डीएम के स्तर पर की जाएगी। वहीं, बजरंग दल के प्रांत गोरक्षा प्रमुख हेमंत सारस्वत ने चेतावनी दी है कि यदि अधिकारियों ने अपने वादे के मुताबिक कार्रवाई नहीं की तो पूरे जिले में आंदोलन किया जाएगा।