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Amroha News: चार जनपदों के करीब 500 गांवों को मिलेगा मध्य गंगा नहर का लाभ

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मंडी धनौरा (संजीव गर्ग)। मध्य गंगा नहर इन दिनों पानी से लबालब है। मध्य गंगा नहर में पानी छोड़े जाने से क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर चमक दिखाई पड़ रही है। विभाग का मानना है कि मध्य गंगा नहर से बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद व संभल समेत चार जनपदों के करीब 500 गांवों के हजारों किसानों को लाभ मिलेगा। नहर किनारे बसे गांवों का भूजल स्तर में भी सुधार आएगा।
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बिजनौर बैराज से शुरू हुई मध्य गंगा नहर चंदौसी व बहजोई तक जाएगी। बिजनौर से जनपद में 66 किलोमीटर लंबाई का काम पूरा हो चुका है। विभागीय सूत्रों के अनुसार मध्य गंगा नहर की शुरुआती लागत एक हजार करोड़ रुपये थी। लेकिन जनपद में नहर का काम पूरा होने तक इस परियोजना पर करीब चार हजार करोड़ रुपये खर्च हो गए। करीब 2800 करोड़ रुपये तक भूमि के मुआवजे पर ही खर्च हुआ है। फिलहाल मध्य गंगा नहर से दो मुख्य रजवाहे अमरोहा व गजरौला निकाले गए हैं। रजबपुर के पास मध्य गंगा नहर को चंदौसी व बहजोई ब्रांच निकाली गई है। मध्य गंगा नहर के सहायक अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि मध्य गंगा नहर से करीब 45 छोटी नहर निकाली जाएंगी। जो जनपद बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद व संभल जनपद से होकर गुजरेंगी। इन नहरों से करीब 500 गांवों के हजारों किसानों को सिंचाई व भूजल स्तर में वृद्धि का लाभ मिलेगा।

चारों जनपदों के 11 डार्क जोन में शामिल ब्लॉक तक पहुंचेगा नहर का पानी

मध्य गंगा नहर परियोजना से जनपद बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद व संभल के 11 डार्क जोन में शामिल ब्लॉकों को पानी मुहैया होगा। इन ब्लॉक में भूजल स्तर काफी नीचे चले जाने के कारण बोरिंग आदि करने पर पाबंदी लगा दी गई थी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मध्य गंगा नहर में पानी छोड़े जाने से भूजल स्तर में करीब 10 फीट तक सुधार आने की उम्मीद है। मध्य गंगा नहर शुरू करने के पीछे भी सरकार की भी यही मंशा थी। किसानों का कहना है कि अभी किसानों को सिंचाई के लिए बोरिंग कराने पर लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे। अब नहर का भरपूर लाभ मिलेगा।
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