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 आब्दी के विरोध में उतरे प्रधान

Sat, 18 Jun 2016 01:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
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प्रस्तावित नौगावां सादात तहसील का मानचित्र - फोटो : amar ujala
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अमरोहा। तहसील में प्रधानों ने विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी परिषद के चेयरमैन मौलाना जावेद आब्दी के खिलाफ  प्रदर्शन किया। खूब आपत्तियां लोगों ने दर्ज कराईं। गांवों को नौगावां तहसील में शामिल नहीं करने की मांग की।सिकंदरपुर, शाहिदपुर, मुनव्वरपुर उर्फ मुनीमपुर, लालू नंगला, नौराहन, कासमपुर मेव, बीबड़ा खुर्द, गजाना, बुढेरना के तमाम गांवों के प्रधान एकत्र होकर शुक्रवार की दोपहर तहसील परिसर में पहुंचे।
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यहां पर उन्होंने नौगावां सादात तहसील में शामिल किए जाने वाले गांवों पर आपत्तियां दर्ज कराईं। साथ ही सपा नेता के खिलाफ प्रदर्शन कर विरोध जताया। उनका कहना था कि नौगावां तहसील की दूरी उनके गांवों से 22 से 28 किलोमीटर तक है, जिसको तय करना मुश्किल होगा।

इसलिए तहसील का प्रस्ताव निरस्त किया जाए। इसके बाद प्रधानों ने एसडीएम प्रवीणा को राजस्व परिषद सचिव के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा, जिस पर ओमपाल सिंह, रामआश्रय शर्मा, रीतू, सुनील, शकीना, मरजीना, सतीश  के हस्ताक्षर थे।
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वकीलों की नारेबाजी, हंगामा
 नौगावां तहसील में अमरोहा के पास के गांवों को शामिल करने का विरोध बढ़ता जा रहा है। आज वकीलों ने कार्य बहिष्कार कर तहसील में नारेबाजी व हंगामा किया। एसडीएम को सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। इधर दिनभर कामकाज ठप रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। 

शुक्रवार को अमरोहा (सदर) तहसील बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ता तहसील परिसर में जमा हुए। न्यायिक कार्य बंद कर नारेबाजी व प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी नागरिकों का कहना था कि नौगावां सादात अमरोहा से मात्र 14-15 किलोमीटर दूर है। इसलिए उसको तहसील बनाए जाने का कोई औचित्य नहीं है।

केवल राजनीतिक कारणों की वजह से तहसील सृजित की जा रही है। स्थानीय नेता मौलाना जावेद आब्दी अपने आप को सीएम का करीबी बताते हैं। इसलिए डीएम पर राजनीतिक दबाव बनाकर नौगावां सादात को तहसील बनाने का प्रस्ताव भिजवाया गया है। इस प्रस्तावित तहसील में अमरोहा से करीब चार-पांच किलोमीटर तक के गांव शामिल किए जा रहे हैं, जो सरासर गलत है।

पास के गांव अलग न किए जाएं, वरना लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। तहसील प्रस्ताव संग जो स्थानीय मानचित्र लगाया गया है, उसमें नौगावां सादात को नगर पालिका परिषद को दर्शाया गया है जबकि वह नगर पंचायत है, जिसमें भ्रम पैदा किया गया है। 

प्रदर्शनकारियों ने बाद में एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा, जिसमें उच्च स्तरीय जांच कराने और आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए नौगावां तहसील सृजन का उपरोक्त प्रस्ताव निरस्त फरमाए जाने और पुन: नए सिरे से जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक दक्षता के चलते आम जनता की राय लेकर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। इस दौरान अध्यक्ष प्रमोद कुमार भटनागर, सचिव सै.अली वाइज सहित एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे।
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