अमरोहा। अंजुमन रजाकाराने हुसैनी समेत कई सामाजिक संस्थाओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। जिसमें उन्हाेंने जनपद का नाम अमरोहा काे न बदलने की मांग उठाई है। चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग को अनसुना किया गया तो वे आंदोलन को विवश होंगे।
वर्ष 1997 में अमरोहा को जनपद घोषित किया गया और इसका नाम बदलकर ज्योतिबा फुले नगर रख दिया गया। जनपद घोषित होने पर अमरोहा के नगर वासी बहुत खुश हुए परंतु नाम परिवर्तन से सभी लोग असहमत थे। समय-समय पर अपना विरोध प्रकट करते रहे। इसी कारण इस जनपद का नाम बदलकर पुन: अमरोहा किया गया। अमरोहा वासी अमरोहा के नाम से लगाव रखते हैं और अपने नाम के साथ अमरोही लगाने पर गर्व महसूस करते हैं। जैसे कमाल अमरोही, भुवन अमरोही एवं अन्य बहुत से नाम हैं जो अमरोही हैं। फ्रेंड्स ऑफ अमरोहा, अंजुमन रजाकाराने हुसैनी, अंजुमन ए असगरी, हजरत शाह विलायत एजुकेशनल ग्रुप, अंजुमन ए अकबरी, अंजुमन ए इमामया, अंजुमन ए सादाते अमरोहा, अंजुमने बनी हाशिम अमरोहा ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में अंजुमन रजाकाराने हुसैनी के जनरल सेक्रेटरी खुर्शीद हैदर जैदी, नजीर हैदर, हुसैन हैदर, शाने मेहंदी, इकबाल हसनैन खान, चंदन नकवी, हसन मुख्तार, मुजाहिद अब्बास, नईम रजा आदि मौजूद रहे।