नए स्थान पर सामूहिक नमाज के विरोध में गांव सकतपुर में नौवें दिन भी तनाव बरकरार है। भारतीय किसान संघ द्वारा सामूहिक नमाज के विरोध में बुलाई गई महापंचायत को प्रशासन ने रुकवा दिया था। इस दौरान पुलिस से जमकर नोकझोंक हुई थी। हालांकि सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस बल तैनात है।
क्षेत्र के गांव सकतपुर में 18 मई को नए स्थान पर सामूहिक नमाज के विरोध में दो समुदायों में टकराव की स्थिति बन गई थी। पुलिस ने गांव से दोनों पक्षों के तीन लोगों को हिरासत में लिया था। बाद में हिदायत देने के बाद छोड़ दिया गया था। इसके बाद से गांव में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनी हुई है।
19 मई को गांव में एसडीएम व सीओ ने पंचायत के माध्यम से लोगों को समझाने का प्रयास किया था। लेकिन हल नहीं निकला था। इसके बाद गुरुवार देरशाम को भारतीय किसान संघ के संभागीय संगठन मंत्री सुकर्मपाल राणा ने संघ लोगों को साथ लेकर गांव में महापंचायत का ऐलान किया था। महापंचायत की भनक लगते ही पुलिस गांव पहुंच गई थी और महापंचायत के आयोजन की तैयारियों में जुटे लोगों को रोका था।
इसके बाद शुक्रवार को किसान संघ द्वारा हसनपुर मंडी समिति में महापंचायत के आयोजन का प्रयास किया गया था। लेकिन प्रशासन ने धारा 144 लागू होने का हवाला देते हुए महापंचायत नहीं होने दी। महापंचायत के नाम पर लोगों के भड़काने व बरगलाने के मामले में करीब 25 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
हालांकि अभीतक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। लेकिन गांव में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनी हुई है। शनिवार को यानी नौवें दिन भी गांव में पुलिस व पीएसी के जवान तैनात हैं। मामले में सीओ अभिनाश गौतम का कहना है कि गांव में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात है। दोनों पक्षों से वार्ता कर हल निकालने का प्रयास किया जा रहा है।