जोया (अमरोहा)। डिडौली कोतवाली क्षेत्र के फरासपुरा गांव में रास्ते के विवाद के चलते गुरुवार सुबह चाचा-भतीजे के परिवारों में खूनी संघर्ष हो गया। घर में घुसकर चाचा की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। लाठी-डंडे और सरियों से हमला कर परिवार के छह लोगों का लहूलुहान कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने बिगड़ते हालात को संभाला। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। किसान की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है। घटनास्थल पर पुलिस तैनात कर दी गई है।
यह घटना डिडौली कोतवाली क्षेत्र के फरासपुरा गांव की है। यहां पर पेशे से किसान बाबूराम और उनके भाई स्व. रामफल का परिवार रहता है। पिछले डेढ़ महीने से बाबूराम और उनके भतीजे बलवीर के बीच रास्ते में दीवार को लेकर विवाद चल रहा है। इस संबंध में पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से शिकायत की गई। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रार्थना पत्र देने के बाद भी दोनों विभागों ने मामला अधर में छोड़ दिया। गुरुवार की सुबह करीब छह बजे बाबूराम अपने बच्चों के साथ घर में बैठे थे। आरोप है कि तभी भतीजे बलवीर पंद्रह से अधिक लोगों के साथ लाठी-डंडों और सरियों से लैस होकर उनके घर पर चढ़ाई कर दी। दीवार हटाने को कहा और मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने बाबूराम (55) की बुरी तरह पीटा। जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई। जबकि बचाव में आए उमेश, रामचंद्र, शिवचंद, रचना, राधेश्याम, सुमित्रा को लहूलुहान कर दिया। मारपीट के बाद परिजनों में चीखपुकार मच गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने बिगड़ते हालात को संभाला। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने किसान बाबूराम को मृत घोषित कर दिया। खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर हंगामा किया। परिजनों को आक्रोशित देख देहात थाने की पुलिस को जिला अस्पताल में बुला लिया गया। बड़ी मशक्कत के बाद परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया। बाद में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर शरद मलिक ने बताया कि बाबूराम के बेटे राधेश्याम की तहरीर पर बलवीर, चमन, पवन, उभन, चंद्रपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, मोहित, सोहित, अश्वनी, सतीश, विकास, आकाश, कलमकांत, अजब सिंह, विनोद सहित सोलह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल गांव और घटनास्थल पर पुलिस तैनात की गई है।
जमीन पर पड़े बाबूराम पर पुलिस ने बरसाई लाठी
जोया(अमरोहा)। डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव फरासपुरा में किसान बाबूराम हत्या कांड के दौरान पुलिस की बर्बरता सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि लगातार शिकायत करने के बाद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। गुरुवार की सुबह जब आरोपियों ने घर में घुसकर हमला किया तो परिजनों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पुलिस आरोपियों को पक्ष लेकर जमीन पर पड़े बाबूराम पर लाठी बरसाना शुरू कर दिया। गाली-गलौज की, परिवार के अन्य लोगों को भी खरी-खोटी सुनाई।
सूचना के पंद्रह मिनट बाद पहुंची पुलिस
जोया (अमरोहा)। डिडौली के फरासपुरा गांव में बवाल की सूचना के पंद्रह मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। परिजनों को आरोप है कि अगर पुलिस समय से घटनास्थल स्थल पर पहुंचती तो शायद आज बाबूराम जिंदा होते।
विपक्ष एक लाख दे रहा है...तुम 20 हजार दे दो, पीएम ठीक करेंगे
अमरोहा। बाबूराम हत्याकांड के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। परिजन मोहित का आरोप है कि वह मोर्चरी गया था। यहां उसने पोस्टमार्टम अच्छे से करने की बात कही। इस पर यहां मौजूद एक डॉक्टर ने कहा कि विपक्ष एक लाख रुपये दे रहा है। तुम कितना दोगे। तुम 20000 रुपये दे दो...पोस्टमार्टम ठीक हो जाएगा। पीड़ित परिजनों ने एएसपी अजय प्रताप सिंह को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस ने आरोप की जांच शुरू कर दी है।
एसपी ने किया मुआयना, तत्काल कार्रवाई के निर्देश
अमरोहा। डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव फरासपुरा में किसान बाबूराम की पीट-पीटकर हत्या के मामले में एसपी डॉ विपिन ताडा ने घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने मौके पर परिजन और ग्रामीणों से बातचीत की। इसके बाद इंस्पेक्टर शरद मलिक को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
प्रार्थना पत्र दिए डेढ़ महीना बीता, नहीं की कार्रवाई
अमरोहा। किसान की हत्या के बाद घायल परिजन अस्पताल के कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां डीएम कार्यालय के बाहर फर्श पर बैठ गए। पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए। कहा कि पुलिस आरोपियों से मोटी रकम खाए हुए हैं। आरोपी आगे भी मारने की धमकी दी रहे हैं। कहा कि डेढ़ महीने पहले प्रार्थना पत्र देने के बाद भी इंस्पेक्टर ने कोई कार्रवाई नहीं की। लगातार फैसला कराने का बात कहकर टालते रहते हैं। जबकि एक दरोगा पर रुपये लेकर विवाद पैदा कराने का आरोप लगाया है।
अस्पताल से बिना डिस्चार्च, कलक्ट्रेट पहुंचे घायल, हड़कंप
अमरोहा। जिला अस्पताल में भर्ती घायल लोग बिना डिस्चार्ज और डॉक्टरों को बिना बताए कलक्ट्रेट पहुंच गए। यहां मौजूद देहात एसओ अरिहंत कुमार ने डॉक्टरों से बात की। जिसके बाद चिकित्सकों में हड़कंप मच गया। उन्होंने बताया कि घायलों को अभी तक डिस्चार्ज नहीं किया गया है तो वह कैसे चल गए। इसके बाद एसओ ने घायलों को फटकार लगाई। कहा कि अगर किसी घायल की मौत हो गई, तो उसके जिम्मेदार स्वयं होगे। फटकार के बाद परिजन घायलों को फिर जिला अस्पताल पहुंचे और इलाज शुरू कराया।
घायलों के शरीर पर दिख रहे निर्दयता के निशान
जोया(अमरोहा)। डिडौली क्षेत्र के गांव फरासपुरा में हुई हमले की कहानी घायलों के शरीर बयां हो रही है। उनके शरीर पर लाठी-डंडों के निशान साफ दिखाई दे रहे है। जिस तरह से घटना हुई है, जिससे साफ है कि हमलावर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे।