गजरौला(अमरोहा)। थाना क्षेत्र के गांव मीरपुर निवासी जसवेंदर सिंह उर्फ काले (18) का शव खेत में बनी कोठरी में चारपाई की रस्सी से लटका मिला। परिजनों के मुताबिक उसकी तलाश में घर आए तीन दोस्तों ने काले के घर नहीं मिलने पर फोन कर उसे सरकारी स्कूल के पास बुलवाया था। साढ़े तीन घंटे बाद काले का शव खेत में बनी कोठरी में फंदे से लटका मिला। उन्होंने दोस्तों पर ही उसकी हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।
बुधवार की शाम लगभग छह बजे थाना क्षेत्र के गांव मीरपुर के ग्रामीण गांव निवासी जसवेंदर सिंह उर्फ काले पुत्र उपेंद्र सिंह को लेकर सीएचसी पहुंचे। यहां केंद्र अधीक्षक डा. योगेंद्र सिंह ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहां आए मृतक के भाई धीरेंद्र और ताऊ सुरेंद्र सिंह ने उसकी हत्या का आरोप लगाते हुए रोना-बिलखना शुरू कर दिया। इसके बाद वे थाने जा पहुंचे। सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर जयवीर सिंह सीएचसी आ पहुंचे। यहां मृतक के परिजनों ने पुलिस को बताया कि अपरान्ह लगभग दो बजे गांव बलदाना असगर अली निवासी दो युवक और गांव यकबगड़ी निवासी एक युवक काले को बुलाने घर पर आए थे। नहीं मिलने पर उसे फोन कर गांव में ही सरकारी स्कूल में बुला लिया। शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। इसी बीच सुरेंद्र सिंह का पुत्र शाम लगभग साढ़े पांच बजे नलकूप पर मोटर देखने जा पहुंचा। बताते हैं कि कोठरी में चारपाई की रस्सी के फंदे से काले का शव झूल रहा था। यह देख उसकी चीख निकल गई। बाद में परिजन वहां जा पहुंचे और शव को खुद ही नीचे उतारकर सीएचसी ले आए। रात साढ़े नौ बजे इंस्पेक्टर जयवीर सिंह ने बताया कि परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। फिलहाल शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
काले का मोबाइल भी साथ ले गए थे आरोपी
गजरौला। सीएचसी में बिलख रहे मृतक जसवेंदर सिंह उर्फ साले के भाई धीरेंद्र सिंह ने बताया कि काले को गांव के ही लोगों ने आरोपियों के साथ बाइक पर जाते हुए देखा था। धीरेंद्र सिंह के मुताबिक आरोपी उसके भाई का मोबाइल भी अपने साथ ले गए। धीरेंद्र सिंह के मुताबिक उन्हें आशंका रही होगी कि कहीं पुलिस काले का मोबाइल कब्जे में लेकर उसकी कॉल डिटेल न निकाल ले। हालांकि धीरेंद्र ने अपने भाई की जेब में नकदी होने की जानकारी होने से इनकार कर दिया।
रो-रोकर फटा जा रहा था पिता का सीना
गजरौला। सीएचसी में मौजूद उपेंद्र सिंह अपने पुत्र जसवेंदर सिंह उर्फ काले का शव देख फूट-फूटकर रो रहे थे। वह बार-बार आरोपियों को भी कोस रहे थे। बताते हैं कि उपेंद्र सिंह के चार पुत्र हैं। बड़े बेटे सरवेंदर सिंह की हाल ही में शादी हुई है। दो पुत्र पुष्पेंद्र और धीरेंद्र अभी कुंवारे हैं। वहीं अपने भाई का शव देख इनका भी बुरा हाल था। वहीं ताऊ सुरेंद्र सिंह को भी कई बार परिजनों और ग्रामीणों ने शांत किया। वह भी रो-रोकर बेहाल हुए जा रहे थे। सीएचसी में आए काले के दोस्तों की आंखें भी नम थीं
काले की मौत पर उठ रहे सवाल-
- परिजन रंजिश से इनकार कर रहे हैं। फिर वजह क्या रही होगी?
- तीनों आरोपी काले के दोस्त हैं तो फिर उन्होंने उसे क्यों मार दिया?
- पुलिस का कहना है कि शव को उसकी गैर मौजूदगी में क्यों उतारा?
- पुलिस खुद मौके पर पहुंचती तो शायद मिल सकता था कोई सुराग।
- हत्यारे प्लानिंग से आते तो शायद रस्सी का फंदा साथ लेकर ही आते।
- कोठरी में ऐसा क्या हुआ कि वहां रखी चारपाई की रस्सी ही काट डाली।
- मृतक के शरीर पर नहीं नजर आ रहे थे खुली चोट के कोई निशान।