कोरोना से बचाव की वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने से एक भी व्यक्ति छूटा तो वह विधानसभा चुनाव में लोगों को संक्रमित कर सकता है। इसी आशंका के चलते शत-प्रतिशत टीकाकरण पर जोर है। पालिका ने सर्वे शुरू कर दिया है। कितने लोगों को पहली और दूसरी डोज लग गई, कितने वंचित हैं, पालिका के कर्मचारी घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों का भी ब्योरा एकत्र कर रहे हैं।
इस समय प्रदेश में विधानसभा चुनावों की प्रक्रिया चल रही है। प्रत्याशी और उनके समर्थक बाहर रहने वाले मतदाताओं को बुलाने में जुट गए हैं। मतदान तक सभी अपने घर पहुंच जाएंगे। जनपद में दूसरे चरण के लिए 14 फरवरी को मतदान किया जाएगा। वैक्सीनेशन से वंचित व्यक्ति कहीं लोगों को संक्रमित न कर दें, इसी आशंका के चलते शत-प्रतिशत का टीकाकरण कराने पर जोर है। जिसके लिए नगर पालिका को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पालिका के 30 कर्मचारी दोबारा सर्वे करने में जुट गए हैं। वह घर-घर जाकर यह जानकारी जुटा रहे हैं किहली और दूसरी डोज कितने लोगों को लग गई है। कितने लोग वैक्सीनेशन से वंचित हैं। ऐसे नागरिक कितने हैं, जिनको पहली डोज लगवाए 84 दिन बीत गए। 15 से 18 साल तक कितने किशोर और युवक टीकाकरण से वंचित हैं। घरों से बाहर रहने के साथ गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों का ब्योरा भी एकत्र किया जा रहा है।
पालिका ईओ विजेंद्र सिंह पाल का कहना है कि सर्वे चल रहा है। दो दिन में पूर्ण हो जाएगा। जो भी लोग या किशोर टीकाकरण से वंचित पाए जाएंगे, उनका प्राथमिकता के तौर पर टीकाकरण कराया जाएगा। कोई भी टीकाकरण से वंचित नहीं रहेगा।