रामपुर में आजादी की सालगिरह के मौके पर राष्ट्रध्वज के अपमान में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जिला प्रचारक समेत तीन लोग फंस गए हैं। वहीं गजरौला सलेमपुर गौसाई की प्राइमरी में राष्ट्रध्वज न उतारे जाने से बंदरों के फाड़ने का मामला सामने आया है। वहीं हसनपुर चकबंदी न्यायालय पर सोमवार की रातभर तिरंगा झंडा लहराता रहा। कर्मचारियों ने उसे उतारने की जरूरत नहीं समझी।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा कार्यकर्ताओं ने 15 अगस्त को पुरानी तहसील में ध्वजारोहण किया। सौलत पब्लिक लाइब्रेरी के लाइब्रेरियन अजहर मुईन खां का आरोप है कि कार्यकर्ता सौलत पब्लिक लाइब्रेरी के ताले तोड़कर छत पर चढ़ गए और उन्होंने ध्वजारोहण किया। लेकिन राष्ट्रीय ध्वज शाम को नहीं उतारा गया, जिससे उनकी भावना आहत हुई, अपमान भी किया।
सूचना मिलने के बाद आधी रात में पुलिस मौके पर पहुंची और राष्ट्रध्वज को उतारा गया। पुुलिस ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जिला प्रचारक रामशंकर, भाजपा युवा मोर्चा के ऋषभ रस्तोगी और मुकेश आर्य के साथ ही 10-12 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। गांव सलेमपुर गौसाई के प्राइमरी और जूहा स्कूल में सोमवार को संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया था।
कार्यक्रम में प्राइमरी के प्रधानाध्यापक कैलाश नाथ और जूहा की प्रधानाध्यापिका रोजबिला परवीन उपस्थित रहीं। बाद में स्टाफ विद्यालय से चला गया। मंगलवार की सुबह जब स्टाफ पहुंचा तो फटा हुआ ध्वज लहरा रहा था। अनुमान लगाया जा रहा है कि, बंदरों ने उसे फाड़ दिया।