कलक्ट्रेट सभागार में चल रही प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश राजभर की विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में बिजली विभाग के अफसर विधायकों के निशाने पर रहे। बिजली कटौती पर जहां उनकी जमकर खिंचाई की गई, वहीं कनेक्शन देने के नाम वसूली का आरोप भी लगाया गया।
बिजली कर्मचारियों पर रात के समय शराब पीकर बिजलीघरों में बैठने तक के आरोप लगे। हालांकि बिजली कर्मचारी ओवरलोडिंग का हवाला देकर अपना पीछा छुड़ाते नजर आए। मंत्री अवैध वसूली करने वालों पर एफआईआर के आदेश दिए।
विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान बिजली विभाग के एसई जब विभाग की योजना की प्रगति की जानकारी दे रहे थे, तभी विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी और राजीव तरारा ने उन्हें निशाने पर ले लिया।
मूढ़ाखेड़ा बिजलीघर से जुड़े गांवों में मात्र तीन से छह घंटे बिजली मिलने की बात कहने पर एसई एसबी पाल ओवरलोडिंग का हवाला देने लगे। पूछने पर बताया कि 15 जून तक बिजलीघरों को निर्माण पूरा होते ही हमारी क्षमता मांग के बराबर हो जाएगी और आपूर्ति आदेशानुसार मिलने लगेगी। विधायकों ने कहा कि तबतक तो किसानों की फसल सूख जाएगी। इस पर एसई कोई जवाब नहीं दे पाए।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान ने कनेक्शन देने के नाम पर हो रही वसूली के मामले में कार्रवाई के बारे में पूछा तो एसई जवाब नहीं दे पाए। विधायक राजीव तरारा ने कहा कि गजरौला में रात के समय बिजलीघर पर कर्मचारी शराब के नशे में रहते हैं।
फोन करने पर ठीक से जवाब नहीं देते हैं। कैबिनेटमंत्री ने वसूूली में शामिल अधिकारियों पर एफआईआर कराने के आदेश दिए। समय पर ट्रांसफार्मर न बदलने पर भी एसई की क्लास लगाई।
हिदायत दी की शिष्टाचार से बात करें। जनप्रतिनिधियों का सम्मान करें। झूठ बोलकर बरगलाएं नहीं। कहा कि 2006 में चोर 19 सौ मीटर तार चोरी कर ले गए विभाग की ओर से रिपोर्ट तक दर्ज नहीं कराई गई। फतेहपुरा बाटुपुरा में उन्होंने अपने कोटे से विद्युतीकरण का कार्य मंजूर कराया था। पैसा कहां गया इसकी जांच कराई जाए। गांवों में शिविर लगाकर कनेक्शन दिए जाएं।