रक्षाबंधन से पहले ही मिलावट की पोल खुल गई है। प्रयोगशाला की जांच में छेना रसगुल्ले का सैंपल अनसेफ आया है। जो मानव स्वास्थ्य के लिए घातक है। छेना रसगुल्ले में चांदी के वर्क के स्थान पर एल्यूमीनियम की पर्त लगाई जा रही थी। प्रयोगशाला की जांच में इसका खुलासा हुआ है। वहीं कोल्ड ड्रिंक, पॉली पाउच वाटर, पान मसाले का सैंपल भी जांच में अधोमानक आया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने गत दिनों अहमद नगर स्थित एक दुकान से छेना रसगुल्ले का सैंपल लेकर जांच को प्रयोगशाला भेजा गया था। जांच में सैंपल अनसेफ आया है। जो मानव स्वास्थ्य के लिए घातक की श्रेणी में आता है। रसगुल्ले में चांदी के वर्क के स्थान पर एल्यूमीनियम की परत लगाई जा रही थी।
संबंधित विक्रेता के खिलाफ अब विभाग और एडीएम कोर्ट से बड़ी कार्रवाई होगी। यहां तक की विक्रेता को जेल हो सकती है। वहीं मोहल्ला चिल्ला से लिया गया पॉली पाउच वाटर का सैंपल मिस ब्रांड आया है।
अमरोहा के मोहल्ला कटरा गुलाम अली स्थित एक दुकान से दो अलग-अलग ब्रांड की कोल्ड ड्रिंक के नमूने लिए गए थे, वह भी जांच में अधोमानक आया है। इस मामले में अब कंपनी और ट्रेडर्स के खिलाफ कार्रवाई होगी। अमरोहा के मोहल्ला मंडी चौब स्थित एक दुकान से गगन पान मसाले का सैंपल लेकर जांच को भेजा गया था, वह भी जांच में अधोमानक आया है। उक्त मामलों में अब एडीएम कोर्ट से जुर्माने की कार्रवाई होगी।
एफडीए के डीओ संजय पांडेय के मुताबिक, गत दिनों भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। जिसमें छैना रसगुल्ले का सैंपल जांच में अनसेफ आया है। अन्य तीन सैंपल अधोमानक आए हैं। अब एफडीए एक्ट के तहत संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एडीएम कोर्ट से जुर्माने की कार्रवाई होगी। खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने को अभियान चलाया गया है।