अमरोहा। करीब दस साल पहले पुलिस पर फायरिंग करने वाले मेरठ के लुटेरे इरशाद को कोर्ट ने नौ साल की सजा सुनाई है। साथ ही 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। फिलहाल दोषी बदमाश जमानत पर था। कोर्ट का फैसला आने के बाद उसे हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।
29 मई 2016 की रात हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के कालाखेड़ा पुल पर कार सवार परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट की गई थी। घटना के बाद पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी थी। चार जून 2016 को हसनपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मेरठ के कुछ बदमाश दिल्ली हाईवे पर लूटपाट करने के इरादे से घूम रहे हैं। तत्कालीन वरिष्ठ उप निरीक्षक राकेश कुमार सिंह, दरोगा आरसी वर्मा, कांस्टेबल रघुवीर सिंह, कपिल शर्मा, नौगांवा सादात के तत्कालीन थानाध्यक्ष रामवीर सिंह आदि पुलिस के साथ हसनपुर-अतरासी रोड स्थित रझोहा चेक पोस्ट पर बैरियर लगाकर चेकिंग करने लगे।
पुलिस ने हसनपुर की ओर से आ रहीं दो कार सवार बदमाशों को रोकने की कोशिश की लेकिन उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। घेराबंदी करके पुलिस ने चार बदमाशों को पकड़ लिया जबकि दो भाग गए थे। पूछताछ में पकड़े गए बदमाशों ने अपना नाम मेरठ के किठौर थानाक्षेत्र के मितापुर निवासी गुफरान व किला परीक्षितगढ़ थानाक्षेत्र के सियाल निवासी राजू जाट, हरदोई जिले के शाहाबाद थानाक्षेत्र के सरदार गंज निवासी सुमित रस्तोगी व हापुड़ जिले के सिंभावली थानाक्षेत्र के अठसैनी निवासी शाहनवाज बताया था।
पूछताछ में बदमाशों ने 29 मई 2016 की रात हसनपुर के कालाखेड़ा पुल और हापुड़ के खरखौदा थानाक्षेत्र के किठौर रोड पर सूदना की पुलिया पर अलग-अलग कार सवार परिवारों से लूटपाट की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया था। इसके अलावा इन बदमाशों ने 26 मई 2016 की रात सिंभावली और 28 मई 2016 की रात किठौर क्षेत्र में महिला और पुरुषों से लूटपाट की थी। मामले में पुलिस ने गुफरान, राजू जाट, सुमित, शाहनवाज, इरशाद और जाकिर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। साथ ही दोनों भागे बदमाश इरफान व जाकिर को भी गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने सभी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। मुकदमे की सुनवाई एडीजी तृतीय की अदालत में चल रही थी। बृहस्पतिवार को पुलिस पर जानलेवा हमला करने के आरोप में मेरठ जनपद के भावनपुर थानाक्षेत्र के रुकनपुर गांव के रहने वाले बदमाश इरशाद को दोषी करार दिया। साथ ही उसे नौ साल की सजा सुनाई और 500 रुपये का जुर्माना लगाया है। अन्य बदमाशों की पत्रावली अलग चल रही है।