तीन तलाक की शिकार मरयम की आवाज अब कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचेगी। प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर अपने उत्पीड़न के खिलाफ इंसाफ की गुहार लगा चुकी मरयम अब मुख्यमंत्री के माध्यम से आरोपियों पर कार्रवाई और तीन तलाक पर रोक लगाने की आवाज बुलंद करेंगी। मरयम को ससुरालियों ने दहेज के लिए घर से निकाल दिया था। दुबई में रह रहे उसके पति ने जेठ के माध्यम से उसे तलाक देने की खबर भिजवाई थी।
शहर के मोहल्ला गुजरी निवासी अनवर हुसैन की बेटी मरयम फात्मा की शादी दो साल पहले मुरादाबाद के किसौल चौक निवासी मो. जफर के पुत्र मो. फैजान से हुई थी। शादी के एक माह बाद ही वो दुबई चला गया। इधर ससुरालिए दहेज में पांच लाख की मांग लेकर उसका उत्पीड़न करने लगे। मरयम का तो आरोप है कि उसके जेठ ही उस पर बुरी नजर रखने लगे।
उसके रिश्तेदारों में उसे भेजकर बदनाम करने की पूरी कोशिश की गई। 22 मार्च 2015 को ससुरालियों ने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया। मायके पहुंची मरयम ने पुलिस के पास पहुंची। कोई सुनवाई न होने पर मजबूर होकर कोर्ट में ससुरालियों पर मुकदमा कर दिया। इसी दौरान उसके जेठ ने फोन कर उसे बताया कि फैजान ने फोन पर दुबई से उसे तलाक दे दिया है।
तीन दिन पहले प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में मरयम ने गुहार लगाई है कि देश से तीन तलाक खत्म होना बहुत जरूरी है, ताकि मेरी जैसी लाखों लड़कियों की जिंदगी बच सके। उन्होंने प्रधानमंत्री से इंसाफ दिलाने की मांग की थी। मामले में अभी तक कोई कार्रवाई न होती देख मरयम ने अपनी आवाज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाने की कोशिश शुरू कर दी है। इसके लिए उन्होंने कैबिनेटमंत्री चेतन चौहान से मिलने के लिए समय मांगा है।
मंत्री की ओर से भी उन्हें 14 अप्रैल को गजरौला स्थित कोरल फैक्ट्री पर मिलने का समय दिया गया है। मरयम का कहना है कि शरीयत के खिलाफ उसे किसी दूसरे के माध्यम से तलाक की जानकारी मिली। तलाक के एवज में उसे कोई क्षतिपूर्ति भी नहीं दी गई।
उसके पति ने दूसरी शादी भी कर ली। आरोपियों को सजा मिलनी जरूरी है। नहीं तो वो न जाने कितने लोगों की जिंदगी बेकार करेंगे। 21 साल की उम्र मेरी जिंदगी जहन्नुम बन गई। तीन तलाक पर रोक लगनी जरूरी है।