सीएम सामूहिक विवाह योजना के तहत शनिवार को शादी करने पहुंचे तीन बच्चों के पिता और युवती के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। दोनों ने सरकारी धनराशि हड़पने के इरादे से शादी की थी। पहले से शादीशुदा कपिल समारोह में उसी लड़के का आधार कार्ड लेकर शामिल हुआ था, जिसकी शादी प्रियंका से तय हुई थी।
समाज कल्याण विभाग के एडीओ आकाश पाल ने बताया कि बावनपुरा माफी गांव निवासी प्रियंका ने सीएम सामूहिक विवाह के तहत 12 फरवरी को आवेदन किया था। उसका विवाह सरकड़ा कमाल निवासी अमरपाल सिंह से होना तय था। पंचायत सचिव पल्लवी ने दोनों का सत्यापन किया था। आवेदन सही होने पर दोनों को शादी की अनुमति दी गई थी। शनिवार को गजरौला के शिव इंटर कॉलेज में सीएम सामूहिक विवाह कार्यक्रम चल रहा था। सलेमपुर गौसाईं निवासी कपिल जो पहले से शादीशुदा है। उसकी पत्नी कोमल जीवित है और उसके तीन बच्चे हैं। वह अमरपाल का आधार लेकर प्रियंका के साथ शादी करने बैठ गया।
उसने योजना की सरकारी राशि हड़पने के लिए धोखाधड़ी व गलत तरीके से प्रियंका के साथ शादी की। प्रकरण को गंभीरता से लेकर एडीओ समाज कल्याण ने गजरौला थाने की पुलिस को दूल्हा बने शादीशुदा कपिल व दुल्हन बनी प्रियंका के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी थी। सीओ श्वेताभ भास्कर ने बताया कि मामले में कपिल और प्रियंका के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
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अमरपाल का शादी से मना करना पड़ा युवती को भारी
सामूहिक विवाह फर्जीवाड़े में फंसी प्रियंका के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक, उसके पिता गांव में किसानों की जमीन चौथाई पर लेकर किसी तरह गुजारा करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अमरपाल सिंह ने शादी करने से इन्कार कर दिया। जिस पर अमरपाल के स्थान पर कपिल को बैठा दिया गया।