गजरौला (अमरोहा)। लॉकडाउन में बुलंदशहर में फंसी गर्भवती महिला को पता चला कि पीलीभीत के एक गांव रह रहा उसका पति में दूसरी शादी रचाने जा रहा है तो मानो उस पर वज्रपात हो गया। जानकारी पीलीभीत के एक थाने से मिली थी तो युवती ने शादी रुकवाने की गुहार लगाई और वहां पहुंचने के लिए तीन दिन की मोहलत मांगी। इसके बाद वह गर्भ में नन्हीं जान लिए बुलंदशहर से पीलीभीत के लगभग तीन 250 किलोमीटर के सफर पर अकेली ही निकल पड़ी।
शनिवार को ब्रजघाट में पार्किंग स्टैंड पर मौजूद 28 प्रवासी श्रमिकों में अलग बैठी महिला अपनी व्यथा बताते हुए फफक पड़ी। स्याना (बुलंदशहर) में मेहनत-मजदूरी करने वाली महिला ने रोेते हुए बताया कि वह थाना बरखेड़ा जनपद पीलीभीत के एक गांव की रहने वाली है। वह पांच माह के गर्भ से है। पति पीलीभीत में ही रहता है। तीन दिन पूर्व पीलीभीत पुलिस का फोन आया कि उसका पति दूसरी शादी कर रहा है। यह सुनकर वह काफी रोई। पुलिस ने बताया कि वहां आ जाओ। उसके आने तक शादी नहीं होने देंगे। युवती ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से काफी दूर फंसी हुई है। तीन दिन की मोहलत दे दो। इसके बाद वह बस से बुलंदशहर से अकेली निकल पड़ी। बस से ब्रजघाट पहुंची रो रही युवती का कहना था कि उसे यही चिंता सताए जा रही है कि वह अकेले घर पहुंचेंगी कैसे? यदि देरी हो गई तो कहीं पति उसकी सौतन न ले आए। हालांकि शाम को श्रमिकों के साथ उसे एक बस से बरेली की ओर रवाना कर दिया गया।