फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक तो बसें बंद, ब्रजघाट में पार्किंग से बैठे तो वहां से भी खदेड़ा, भड़के प्रवासी श्रमिक

विज्ञापन
विज्ञापन
गजरौला (अमरोहा)। श्रमिकों की घटती संख्या देख हापुड़ जिला प्रशासन ने ब्रजघाट में दूसरे दिन भी बसों का संचालन बंद रखा। ब्रजघाट पार्किंग पर शुक्रवार की रात से ही डेरा डाले पूर्वांचल, मध्यप्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जा रहे 28 श्रमिकों को कुछ लोगों ने खदेड़ दिया। इसके बाद श्रमिक भड़क गए और बसों की व्यवस्था कराने की मांग को लेकर हंगामा करते हुए नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने हापुड़ के एसपी संजीव सुमन को फोन कर अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने शाम तक बस की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन

शनिवार को सुबह से ब्रजघाट में पार्किंग स्टैंड पर 28 श्रमिक एकत्र थे। वे सभी शुक्रवार की रात और शनिवार की तड़के वहां आए थे। वहां बसों का संचालन नहीं होने से वे इधर-उधर भटकते रहे। श्रमिकों के मुताबिक इसी दौरान बीच में कई बार बाइकों पर आए दो लोगों ने उन्हें जगह खाली करने को कहा और गाली गलौज तक की। पूर्वान्ह 11 बजे तक वहां बस की व्यवस्था नहीं होने पर उनके सब्र का बांध टूट पड़ा और उन्होंने हंगामा करते हुए नारेबाजी की। वे पैदल ही हाईवे पर निकलने का मन बना रहे थे। इस बीच आसपास के लोगों ने उन्हें समझाया कि पैदल चलने पर रोक है। यहीं रुकिए प्रशासन व्यवस्था अवश्य कराएगा। इस पर वे मान गए। हापुड़ के एसपी संजीव सुमन का सीयूजी नंबर उपलब्ध कराने पर बिहार जा रहे राधेश्याम ने फोन पर उन्हें अपनी व्यथा सुनाई। इस पर एसपी ने उन्हें शाम तक बस उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इस मौके पर लखीमपुर खीरी जाने वाले कौशल, संजय, विजय, राजकुमार, दरभंगा (बिहार) जाने वाले मोहम्मद शमशाद, जाफर अली, फौजार खां, सहडौल (मध्यप्रदेश) जाने वाले बबलू, गोपाल, राजकुमार, रामदीन, भोलू, छोटू, विजय, पश्चिम बंगाल जाने वाले अलाउद्दीन, पलियाकलां जाने वाले राहुल, रोशनी और महमजादी आदि प्रवासी श्रमिक मौजूद रहे।
थैंक्स अमर उजाला, बस मिलते ही झूम उठे श्रमिक
गजरौला (अमरोहा)। शनिवार को ब्रजघाट में पार्किंग स्टैंड पर मौजूद 28 प्रवासी श्रमिक भूख से बेहाल थे। बसें नहीं मिलने के कारण उनके चेहरों पर परेशानी के भाव साफ झलक रहे थे। यही वजह रही कि वे पैदल ही ब्रजघाट से गजरौला, मुरादाबाद की ओर सफर करने की तैयारी कर रहे थे। कुछ लोगों ने उन्हें समझाया। इसके बाद उन्हें एसपी हापुड़ का मोबाइल नंबर दिया। एसपी हापुड़ संजीव सुमन ने भी श्रमिकों का मर्म बखूबी समझा और इस संबंध में रोडवेज एवं प्रशासनिक अफसरों से बात कर उनके लिए बस मुहैया करा दी। शाम लगभग चार बजे बस ब्रजघाट में पार्किंग स्टैंड पर पहुंची तो वहां मौजूद श्रमिक खुशी से झूम उठे। इसके बाद वे एसपी हापुड़ और अमर उजाला का आभार जताते हुए अपने गृह जनपदों की ओर रवाना हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें