लगातार बारिश और बैराज से छोड़ जा रहे पानी के कारण जिले में गंगा अपने उफान पर है। हसनपुर और धनौरा तहसील क्षेत्र के 24 ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। हसनपुर व बुलंदशहर के बीच स्थित गंगा पुल की अप्रोच रोड पर खतरा बढ़ गया है। लोक निर्माण विभाग ने सुरक्षा के लिहाज से पुल से भारी वाहनों के आवागमन पर पाबंदी कर दी है।
उधर, बिजली विभाग ने गजरौला क्षेत्र के मूंढ़ाखेड़ा खादर व आजमपुर बिजलीघरों से जुड़े बाढ़ प्रभावित 17 गांवों में आपूर्ति बंद कर दी है। तिगरी में बृहस्पतिवार को गंगा का पानी 200.95 मीटर पर पहुंच गया जो खतरे के निशान से सिर्फ 1.05 मीटर दूर रह गया है।
उधर, रेलवे के मुताबिक जलस्तर बढ़ने पर ट्रेनों को धीमी गति से कॉशन से गुजारा जाएगा। गंगा के अलावा जिले में बान और गांगन नदी भी उफनाई हुई है। कैलसा में गांगन नदी से 20 से ज्यादा गांवों का संपर्क कट गया है तो नौगांवा क्षेत्र में बस्तापुर गांव के पास बान नदी के पुल के ऊपर से पानी बहने लगा है। एहतियातन प्रशासन ने पुल पर चेतावनी बोर्ड लगाया है।
तिगरी : खतरे के निशान से 1.05 मी. दूर गंगा का पानी
गजरौला। बिजनौर बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर 200.70 मीटर से बढ़कर 200.95 मीटर पर पहुंच गया जो खतरे के निशान से सिर्फ 1.05 मीटर दूर है। उफनाई गंगा तट बांध के पास पहुंच गई है। चार किमी के दायरे में पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। टापू में बसे गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बृहस्पतिवार को तीन बार बिजनौर बैराज से पानी छोड़ा गया।
बैराज से सुबह 268279 क्यूसेक, दोपहर दो बजे 2.39 लाख और शाम चार बजे भी 2.39 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। तिगरी में गंगा का जल स्तर 25 सेंटीमीटर बढ़ कर 200.95 मीटर पर पहुंच गया जबकि बुधवार को जल स्तर 200.70 मीटर दर्ज किया गया था। इससे तिगरी का किनारा जल मग्न हो गया।
बाढ़ का पानी रेलवे हाई गेज के पास तिगरी-कांकाठेर मार्ग को पार हो रहा है। एक दिन पहले ग्रामीणों ने पानी रोकने के लिए काफी प्रयास कर मिट्टी की मेड़ लगाई थी जिसे पानी के बहाव ने काट दिया। वहीं टापू में बसे दारानगर, शीशों वाली समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। तिगरी में खतरे के निशान 202 मीटर से गंगा 1.05 मीटर दूर रह गई है। बाढ़ के कारण करीब चार किमी के दायरे में पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। चकनवाला, अलीनगर, मुरादपुर, पपसरा खादर, तिगरी, मोहरका पट्टी, ओसीता जगदेवपुर व मोहम्मदाबाद के खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब गई हैं।
हसनपुर : गांव के पास पहुंची गंगा, लोगों में दहशत
हसनपुर। पहाड़ी इलाकाें में लगातार हो रही बारिश ने गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा दिया है। इससे हसनपुर के गंगा किनारे बसे गांव गंगानगर चारों तरफ से पानी से घेर लिया है। यह स्थिति ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बन गई है। हालांकि, अभी तक बाढ़ का पानी गांव के अंदर नहीं घुसा है, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर ने लोगों में दहशत फैला दी है।गांव के कुछ हिस्सों में पानी पहुंच गया है और बाढ़ का पानी बांध से टकराने लगा है। पानी ने गंगानगर टी-प्वाइंट पर स्थित चौकी की दीवार और पास के पेट्रोल पंप की दीवार को भी छू लिया है। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि पानी ने सामान्य सीमा को पार कर लिया है। यह हालात गंगानगर के निवासियों के लिए सबसे मुश्किल पैदा कर रहे हैं, क्योंकि यह गांव सीधे तौर पर गंगा नदी के किनारे पर बसा है। गांव से गंगानगर से गंगा की दूरी मात्र 500 मीटर दूरी पर है लेकिन अब यह दूरी बहुत कम हो गई है।
मंडी धनौरा क्षेत्र में भी लोगों की मुसीबत बढ़ी
मंडी धनौरा। पहाड़ों व मैदानी इलाकों में हो रही भारी बारिश से गंगा नदी उफान पर है। गंगा नदी का पानी करीब एक दर्जन आबाद व गैर आबाद गांवों में घुस गया है। ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शेरपुर से विशावली को जाने वाले मार्ग करीब तीन फीट तक पानी भरा हुआ है। लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। ग्रामीणों को पशुओं को चारा लाने के लिए पानी में होकर जाना पड़ रहा है। सीपीया फार्म से रसूलपुर भांवर को जाने वाले मार्ग पर बाढ़ का पानी भरने की वजह से दोनों गांवों के बीच संपर्क टूट गया है। खादर क्षेत्र के गांव पपसरी खादर, मुकारमपुर, शाहजहांपुर छात, रानी बस्तौरा, विशावली, रमपुरा खादर, चांदरा फार्म, रसूलपुर भांवर सहित करीब 12 गांवों में बाढ़ का पानी घुस आया है।
प्रशासन की ओर से अभी तक किसी प्रकार की कोई मदद नहीं मिली है। हालांकि तहसीलदार मूसाराम का कहना है कि रसूलपुर गांव के लिए नाव की व्यवस्था की गई है। लेकिन गांव वालों का कहना है कि अभी तक प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की कोई मदद नहीं मिली है।