आंधी ने बाग स्वामियों की कमर तोड़ कर रख दी है। सोमवार की सुबह हुई सीजन की चौथी आंधी ने बाग स्वामियों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। इससे तीस से चालीस प्रतिशत आम की फसल को नुकसान होने का अनुमान है। मंडी में कच्चे आम के ढेर लगे हैं, लेकिन उनका कोई खरीदार नहीं मिल रहा है।
आम उत्पादकों को आम की बंपर पैदवार होने की उम्मीद थी। लेकिन, मौसम की मार ने बाग स्वामियों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। चौथी बार आई आंधी ने आम की फसल को चौपट कर दिया है। आंधी से तीस से चालीस प्रतिशत आम की फसल को नुकसान बताया जा रहा है। इस समय आम में गुठली पड़ने लगी है। 15 दिन बाद आम पकना शुरू हो जाएगा। सबसे अधिक दहशरी आम को नुकसान हुआ है। जोकि जेठ के गंगा दशहरे पर आने लगता है।
बाग स्वामी बोले-आंधी से हुआ भारी नुकसान
शेखूपुरा निवासी बाग स्वामी राणा सिंह गुर्जर ने बताया कि उनके दो सौ बीघा आम का बाग है। सोमवार की सुबह आई आंधी से आम को भारी नुकसान हुआ है। कच्चा आम पेड़ों से झड़ गया है। तीस से चालीस प्रतिशत आम की फसल को नुकसान हुआ है।
पापड़ी निवासी बाबू राम शर्मा के 90 बीघे आम का बाग है। उनका कहना है कि आंधी ने अरमानों पर पानी फेर दिया है। सलेमपुर, कांकर सराय, अकबरपुर पट्टी, पचौकरा, भजनपुरी, नौगावां सादात, एबजाबाद, ड्योढ़ी वाजिदपुर, हसनपुर आदि स्थानों पर बाग की खेती की जाती है। बाग स्वामियों का कहना है कि अभी आम का पाल नहीं लगाया जा सकता है। आचार आदि में आम का प्रयोग होगा।
हसनपुर क्षेत्र में आम की फसल को भारी नुकसान
उधर, हसनपुर क्षेत्र में आम के बड़े पैमाने पर खेती की जाती है। सोमवार की सुबह आई आंधी से हसनपुर क्षेत्र में आम की फसल को नुकसान हुआ है। आंधी से आम पेड़ों से टूटकर जमीन पर ढेर लग गए हैं। मंडी में भी आम के खरीदार नहीं पहुंच रहे हैं।
बयान
आंधी से आम को नुकसान हुआ है। कच्चा आम पेड़ों से गिर गया है। करीब तीस से चालीस प्रतिशत का नुकसान होने का अनुमान है। मौसम का मिजाज अभी बदला हुआ है। आंधी आने की संभावना बनी हुई है।-जयकरण सिंह, पूर्व उद्यान निरीक्षक
आंधी से आम की फसल को नुकसान हुआ है। कमजोर अमिया टूटकर गिर गई हैं। जो आम आंधी में गिर गया है उसका पाल भी नहीं लगाया जा सकता है।
नदीम सिद्दीकी, प्रेसीडेंट मैंगो एक्सपोर्ट एसोसिएशन. उत्तर प्रदेश