अब इसी सप्ताह नदी को पुनर्जीवित करने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उत्तराखंड के कोटद्वार से निकलकर बिजनौर जिले में प्रदेश की सीमा में बान नदी प्रवेेश करती है। प्रदेश की सीमा आते ही नदी की बदहाल तस्वीर सामने आती है।
बिजनौर के स्योहारा और सहसपुर में जहां नदी प्रदूषित है वहीं अमरोहा जिले में नदी का अस्तित्व संकट में है। कभी यह नदी करीब एक सैकड़ा गांवों की जीवनरेखा हुआ करती थी। नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए अमर उजाला ने अभियान चला रखा है। सिलसिलेवार प्रकाशित खबरों का प्रशासन ने संज्ञान लिया और नदी को बचाने के लिए आगे आया है। जिलाधिकारी वेदप्रकाश ने एडीएम को नदी की खुदाई के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए थे।
इसी क्रम में एडीएम ने एसडीएम सदर को पैमाइश कराने के लिए निर्देशित करते हुए तटवर्ती गांवों और वहां के राजस्वकर्मियों की सूची तैयार करने को कहा थ्ाा। एसडीएम सदर प्रवीणा ने जिन क्षेत्रों में बान नदी बहती थी, उन गांवों की सूची तैयार कर ली है। साथ ही संबंधित गांव के लेखपाल और कानूनगो की सूची तैयार कर डीएम को सौंप दी गई है। अब इसी सप्ताह नदी की खुदाई को लेकर जिलाधिकारी वेदप्रका की अध्यक्षता में बैठक होने वाली है। इसमें बान नदी की खुदाई की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
बैठक में शामिल होंगे इन विभागों के अफसर
बान नदी के पुनर्जीवन के लिए इसी सप्ताह कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसको लेकर डीएम की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में विकास विभाग, राजस्व विभाग, चकबंदी विभाग, लेखपाल, मनरेगा डीसी, सिंचाई विभाग, बाढ़ खंड विभाग आदि के अफसर मौजूद रहेंगे।