अमरोहा। दो साल पहले अपहरण के बाद किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को न्यायालय ने गांव के ही रहने वाले पप्पू को 20 साल के साथ सुनाई है। साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। फिलहाल, दोषी जमानत पर जेल से बाहर था। न्यायालय का फैसला आने के बाद उसे हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। वहीं, साक्ष्यों के अभाव दोषी के भाई समेत दो अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया गया है।
यह मामला बछरायूं थानाक्षेत्र के एक गांव का है। यहां पर किसान का परिवार रहता है। 24 अप्रैल 2023 की रात करीब नौ बजे किसान की 17 वर्षीय बेटी घर में बंधे मवेशियों को पानी पिलाने के लिए गई थी। लेकिन, बाद में वापस घर नहीं लौटी। परिजनों ने काफी तलाश किया लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। गांव में जानकारी करने पर पता चला कि किशोरी को पप्पू बहलाकर ले गया है। इस मामले में किसान ने पप्पू के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में पुलिस ने पप्पू को गिरफ्तार कर किशोरी को बरामद कर लिया था।
साथ ही किशोरी के बयानों के आधार पर पप्पू के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं की बढ़ोतरी की गई। बाद में पुलिस ने पप्पू और उसके भाई परम सिंह और दोस्त योगेंद्र को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। फिलहाल, तीनों जमानत पर जेल से बाहर थे। इस मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम की अदालत में चल रही थी। बुधवार को न्यायालय ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर पप्पू को अपहरण के बाद दुष्कर्म के आरोप में दोषी पाया। साथ ही उसे 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में दोषी पप्पू के भाई परम सिंह और योगेंद्र को दोषमुक्त कर दिया है।