हसनपुर कोतवाली में तैनात एक दरोगा ने कोतवाली परिसर में बने सरकारी आवास में आत्महत्या की कोशिश करने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने पत्नी को वीडियो कॉल भी की। पत्नी ने थाने में इसकी सूचना दी तो ऐन वक्त पर पुलिस कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें बचा लिया।
बाद में परिजन कोतवाली पहुंचे और उन्हें अपने साथ ले गए। इस संबंध में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है। जनपद मुजफ्फरनगर के रहने वाले एक दरोगा हसनपुर कोतवाली में तैनात हैं। उनका परिवार गाजियाबाद में रहता है।
बताते हैं कि वह काफी दिनों से अवसाद में चल रहे थे। कोतवाली में ही सरकारी आवास में वह रहते हैं। मंगलवार की रात को उन्होंने अपने कमरे में पहुंचकर पत्नी को वीडियो कॉल की और आत्महत्या करने के लिए फंदा लगाने की कोशिश करने लगे।
इसी बीच पत्नी ने थाने में कॉल करके इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस कर्मियों के हाथ-पैर फूल गए। पुलिस कर्मी दौड़ कर दरोगा के कमरे पर पहुंचे और दरवाजा खोलकर ऐन वक्त पर उन्हें फंदे से हटा लिया।
बाद में उन्हें अस्पताल भी ले जाया गया। घटना के बाद उनके परिवार के लोग कोतवाली पहुंच गए और उन्हें अपने साथ ले गए। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रेमपाल सिंह ने बताया कि दरोगा पिछले काफी समय से अवसाद में चल रहे हैं।
वह अपनी ड्यूटी को लेकर परेशान नहीं थे। उनके जिम्मे केवल एक विवेचना है। उनका दिन में सामान्य व्यवहार रहा। फिलहाल परिवार के लोग उन्हें अपने साथ ले गए हैं।