अमरोहा। करीब तीन वर्ष पुराने गैर इरादतन हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत ने आरोपी विनोद उर्फ पप्पू को दोषी करार देते हुए दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। फैसले के बाद दोषी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया, जबकि साक्ष्यों के अभाव में आरोपी अनूप सिंह उर्फ हेतराम को बरी कर दिया गया है।
यह मामला अमरोहा देहात थानाक्षेत्र के गांव जमपुरी से जुड़ा है। यहां रहने वाले किसान जसवंत सिंह के बेटे संजीव उर्फ कालू 6 मार्च 2023 की शाम घर से मोटरसाइकिल लेकर निकले थे। उन्होंने परिजनों को बताया था कि वह बमनिया गांव निवासी नितिन के पास जा रहे हैं लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटे। काफी तलाश के बाद अगले दिन उनका लहूलुहान शव चकिया से ईदगाह रोड पर मिला। गला काटकर हत्या किए जाने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। घटना के बाद मृतक की मां इमलेश देवी की तहरीर पर पुलिस ने शुरुआत में नितिन के खिलाफ हत्या का प्राथमिकी दर्ज की थी। हालांकि, विवेचना के दौरान पुलिस ने नितिन का नाम हटा दिया और झनकपुरी निवासी सगे भाई विनोद उर्फ पप्पू व अनूप सिंह उर्फ हेतराम को आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बाद में दोनों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। फिलहाल दोनों जमानत पर बाहर थे। शुक्रवार को अंतिम सुनवाई में अदालत ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद साक्ष्यों के आधार पर मामले को हत्या के बजाय गैर इरादतन हत्या माना। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी ने बताया कि न्यायालय ने माना कि मृतक संजीव उर्फ कालू द्वारा दोषी की पत्नी के साथ छेड़खानी किए जाने के कारण आवेश में आकर उसकी धारदार हथियार से मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हो गई। इसी आधार पर अदालत ने विनोद उर्फ पप्पू को दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई और दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।