अमरोहा पुलिस ऑफिस में नरेंद्र हत्याकांड का खुलासा करते एसपी डॉ विपिन ताडा।
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अमरोहा। अवैध संबंधों में बाधक बनने पर सिपाही और उसकी प्रेमिका ने नरेंद्र की हत्या की साजिश रची थी। शुक्रवार को अमरोहा पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा किया। प्रेमिका और सिपाही समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
खुलासे के दौरान एसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि रजबपुर थानाक्षेत्र के गांव शकरपुर निवासी नरेंद्र 27 सितंबर को लापता हो गया था। उसकी पत्नी बालेश ने 13 अक्टूबर को अपने पति नरेंद्र सिंह की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 19 अक्टूबर को पुलिस ने मुरादाबाद के कांशीराम कॉलोनी गली नंबर आठ निवासी रूबी अग्रवाल और अन्य के खिलाफ अपहरण का मुकदमा तरमीम किया था। घटना के खुलासे को एएसपी अजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में रजबपुर इंस्पेक्टर सतेंद्र कुमार और सर्विलांस टीम को लगाया गया। पुलिस ने रूबी अग्रवाल, बिलारी थाने में तैनात सहारनपुर के नंद वाटिका निवासी सिपाही योगेश कुमार और बिलारी के अमरपुर काशी निवासी वीरपाल और विशेष को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान चारों ने नरेंद्र की हत्या कर शव को गांव अमरपुर काशी के कुएं में छिपाने की घटना कबूल की। उनकी निशानदेही पर नरेंद्र का शव बरामद किया।
एसपी के मुताबिक नरेंद्र गजरौला के एक होटल में काम करता था। जहां रूबी अग्रवाल का आना जाना था। जहां दोनों की मुलाकात हुई थी लेकिन इसी बीच नरेंद्र की शादी बालेश से हो गई। रूबी अग्रवाल मुरादाबाद में एक किराए के मकान में रहती थीं। जहां नरेंद्र आता-जाता था। नरेंद्र पर कुछ लोगों का उधारी का पैसे थे। इसके चलते उसका विवाद हो गया। पैसों के विवाद प्रकरण में सिपाही योगेश की जान पहचान नरेंद्र से हो गई। सिपाही योगेश का भी रूबी के घर आना जाना हो गया। इस दौरान सिपाही के प्रेम संबंध रूबी से हो गए। जिसके बाद रूबी और योगेश ने मिलकर नरेंद्र को रास्ते से हटाने की साजिश रची। सिपाही योगेश ने अपने दोस्त वीरपाल और विशेष को शामिल कर लिया। 27 सितंबर को चारों कार लेकर जोया पहुंचे और नरेंद्र को दावत के बहाने बुला लिया। यहां से अपहरण करने के बाद शराब में नशे की दवा देकर बेहोश कर दिया। अंगोछे से गला घोटकर उसकी हत्या कर दी। रूबी अग्रवाल के बारे में बताया जा रहा है कि वह पानीपत की रहने वाली है। रूबी की शादी हसनपुर में हुई थी लेकिन कुछ समय बाद पति को छोड़ दिया था।