अमरोहा। किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने दोषी को दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही 71 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस राशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को देय होंगे। इसके अलावा न्यायालय ने सरकार को किशोरी के लिए दो लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि भुगतान करने का आदेश दिया है। घटना के बाद से आरोपी जेल में बंद था।
यह मामला नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के एक गांव का है। यहां पर किसान का परिवार रहता है। नौ जनवरी 2017 की रात बिजनौर निवासी संजय उर्फ फोटू अमरोहा निवासी किसान की 13 वर्षीय बेटी का घर से अपहरण कर लिया था। परिजनों ने किशोरी को काफी तलाश किया। लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। लिहाजा किसान ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। इस बीच तेरह दिन तक आरोपी किशोरी के साथ दुष्कर्म करता रहा। विरोध करने पर आरोपी किशोरी के साथ मारपीट करता था। पुलिस ने आरोपी संजय उर्फ फोटू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया था। जबकि किशोरी को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। तभी से आरोपी जेल में बंद था। यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) शंकर लाल की अदालत में विचाराधीन था। शुक्रवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता महावीर सिंह और रविंद्र गर्ग ने जोरदार पैरवी की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने संयज उर्फ फोटू को दोषी करार दिया। शासकीय अधिवक्ताओं ने दोषी को सख्त से सख्त सजा दिए जाने की मांग की। इस पर न्यायालय ने संजय उर्फ फोटू को दस साल की सजा सुनाई। साथ ही 71 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना की राशि से 50 हजार रुपये किशोरी को देय होंगे। साथ ही न्यायालय ने प्रदेश सरकार से किशोरी के लिए दो लाख रुपये क्षतिपूर्ति भुगतान करने के आदेश दिए हैं।