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Amroha News: ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की मशीनें इंस्टॉल, जल्द मिलने लगेगा प्लेटलेट्स और प्लाज्मा

Thu, 17 Aug 2023 02:39 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा। जिले में बुखार टायफाइट ने दस्तक दे दी है। डेंगू-मलेरिया का खतरा मंडरा रहा है। गंभीर रूप से बीमार मरीजों में प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं। अब तक ऐसे मरीजों के तीमारदारों को प्लेटलेट्स के लिए मेरठ-मुरादाबाद की दौड़ लगानी पड़ती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरू होने की सभी कवायद लगभग पूरी हो गई है। अमरोहा पहुंचे इंजीनियरों ने मशीनों में सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कर दिए हैं। ब्लड बैंक कर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। डॉक्टरों की माने तो लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी होने के साथ तीस दिन में यूनिट शुरू हो जाएगा। इसके बाद मरीजों को यहीं प्लेटलेट्स, प्लाज्मा और पीआरबीसी मिलने लगेगी।
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जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की क्षमता 300 यूनिट ब्लड रखने की है। औसतन प्रतिदिन 15-20 यूनिट ब्लड की यहां खपत होती है। जनपद में अब तक यहां ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट नहीं होने के कारण मरीजों को दिक्कत होती थी। एक यूनिट ब्लड एक ही मरीज के काम आता है। इसके साथ ही प्लेटलेट्स और प्लाज्मा आदि निकालने की सुविधा नहीं होने से डेंगू आदि के गंभीर मरीजों के तीमारदारों को मुरादाबाद, मेरठ और दिल्ली की दौड़ लगानी पड़ती है। लोगों की सहूलियत को देखते हुए सरकार ने ब्लड बैंक के पीछे ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट स्थापित करने का फैसला लिया। शासन से मंजूरी मिलने के बाद पहले बिल्डिंग का निर्माण कार्य भी पूरा हुआ। सभी मशीने स्थापित हो चुकी हैं। इंजीनियरों ने मशीन में सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कर दिए हैं।
अब खून की एक यूनिट से प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, पीआरबीसी (पैक्ड रेड ब्लड सेल) और क्रॉयोप्रेसीपिटेट तैयार किए जा सकेंगे। इससे एक यूनिट खून से चार अलग-अलग मरीजों की जान बचाई जा सकती है। फिलहॉल यूनिट की लाइसेंस प्रक्रिया चल रही है। डॉक्टरों की माने तो करीब तीस दिन ये प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, पीआरबीसी (पैक्ड रेड ब्लड सेल) और क्रॉयोप्रेसीपिटेट तैयार किया जा सकेगा। इसके बाद मरीजों और उनके तीमारदारों सहूलियत मिलने लगेगी।
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ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की सभी मशीनों को इंस्टॉल कर दिया गया है। स्टाफ को मशीनों को चलाने के बारे में जानकारी दी जा चुकी है। अब केवल यूनिट के लाइसेंस की प्रक्रिया बची है। उम्मीद है कि तीस दिन के भीतर यूनिट को शुरू कर दिया जाएगा। -डॉ. प्रमोद कुमार, प्रभारी ब्लड बैंक
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