डिडौली के गांव जोई में बच्ची की हत्या के बाद बोरी से शव निकालते हुए।
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
थाने से गायब चल रहे चौकीदार ने मां के सामने ही अपने सात वर्षीय बेटी का गला घोंटकर कर हत्या कर दी। शव को घर में ही गड्ढे में दबा दिया। मुंह खोलने पर पत्नी को भी जान से मारने की धमकी दी। दो दिन बाद किसी तरह पत्नी घर से भाग निकली और मायके पहुंची।
चचेरे भाई को साथ लेकर डिडौली कोतवाली पुलिस के सामने घटनाक्रम बयां किया। इससे पहले पुलिस गांव पहुंचती चौकीदार ने शव को जलाकर अवशेष रजाई में लपेट कर बोरी में बंद कर दिया। गांव पहुंची पुलिस ने जला शव बरामद कर लिया। एसपी और एएसपी मौके पर पहुंचे तथा घटना की जानकारी ली। आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगा है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
डिडौली कोतवाली के जोई गांव निवासी जमेशद चौकीदार है। शराब का आदी होने के कारण काफी समय से वो थाने से गायब है। सोमवार की शाम उसने खूब शराब पी और किसी बात से नाराज होकर पत्नी के सामने ही अपनी सात वर्षीय बेटी नेहा की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को घर में ही गड्ढा खोद कर दबा दिया। पत्नी रूबी को घर में कैद कर दिया, जिससे वह बाहर लोगों से न कह सके। मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी दी। वो किसी तरह घर से बाहर निकली और बुधवार को मायके तोफापुर पहुंची।
वहां से चचेरे भाई कासिम को साथ लेकर डिडौली कोतवाली पहुंची। पुलिस के सामने दर्दनाक कहानी बयां की। इस पर आनन फानन में हरकत में आई कोतवाली पुलिस जोई में पहुंची। यहां पता चला कि आरोपी ने सुबह शव को जलाने की कोशिश की। अवशेष को रजाई में लपेट कर एक बोरी में बंद कर दिया था। शव से बदबू उठ रही थी।
पुलिस ने शव को बरामद कर लिया। सूचना पाकर पुलिस अधीक्षक डा. शिवा शिंपी चनप्पा व अपर पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह जोई पहुंचे। मौका मुआयना कर घटना की जानकारी की। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा है।