वर्ष 2012 में हुए शहर के चर्चित दोहरे हत्याकांड में 22 आरोपियों के खिलाफ दोष सिद्ध हो गया है। इस केस संबंधित जानलेवा हमले के एक अन्य मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ भी दोष सिद्ध हुआ है। विशेष एवं सत्र न्यायाधीश/स्पेशल स्पेशल जज बीडी भारती की अदालत में गुरुवार को मामले की सजा सुनाई जाएगी। फैसला सुरक्षित रख लिया गया है।
29 अप्रैल 2012 को शहर के मोहल्ला छेबड़ा में जमीन को लेकर चल रहे विवाद को निपटाने के लिए चल रही पंचायत में दो पक्षों में कहासुनी हो गई थी। इस दौरान एक पक्ष की ओर से फायरिंग कर दी गई थी। इसमें यूनुस की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि मुर्सलीन की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
मामले में जुल्फिकार की ओर से यासीन कबाड़ी समेत 22 लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने कुछ आरोपियों जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई स्पेशल जज बीडी भारती की अदालत में चल रही थी।
बुधवार को भी मामले की सुनवाई हुई, जिसमें अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता बसंत सिंह सैनी ने केस से संबंधित साक्ष्यों को पेश किया। जोरदार दलीलें देते हुए आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। इसके बाद स्पेशल जज ने मुकदमे से संबंधित पत्रावलियों का अवलोकन किया। साक्ष्य एवं गवाहों की गवाही पर गौर फरमाया। इसके बाद उन्होंने सभी 22 आरोपियों को घटना के लिए दोषी पाया। मामले में विद्वान जज ने फैसला सुरक्षित रख लिया। गुरुवार को सजा सुनाई जाएगी।