अमरोहा। गणेश चतुर्थी पर सोमवार को घर-घर प्रथम पूज्य भगवान गणेश विराजेंगे। श्रद्धालु गणपति की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे और लड्डुओं का भोग लगाएंगे।
पर्व को लेकर बाजारों में भी रौनक है। लोगों ने रविवार को गणेश प्रतिमा, पूजन सामग्री और प्रसाद की खरीदारी की है। मान्यता है कि भगवान गणेश की पूजा से सुख, समृद्धि और यश की प्राप्ति होती है तथा किसी भी शुभ कार्य में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
श्री बाबा गंगानाथ मंदिर के पंडित आशुतोष त्रिवेदी ने बताया कि हिंदू संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से की जाती है। गणेश जी को विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य देव माना गया है। गणेश चतुर्थी पर श्रद्धालु सुबह स्नान आदि के बाद घर में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद भगवान को लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की जाएगी।
उन्होंने बताया कि भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करते समय दिशा का भी ध्यान रखना चाहिए। प्रतिमा को उत्तर दिशा में स्थापित करना शुभ माना जाता है। यह दिशा भगवान शिव और मां लक्ष्मी से संबंधित मानी जाती है। गणेश जी की प्रतिमा खरीदते समय इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि उनके साथ मूषक अवश्य हो। पूजा के दौरान भगवान गणेश को दूर्वा, मोदक और लड्डुओं का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है। श्रद्धालु पूरे दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ गणपति की आराधना करेंगे।