समाजवादी पार्टी के कुनबे में हुई सुलह ने जनपद के माननीयों व प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। कार्यकर्ताओं से लेकर समर्थक तक बेचैन हैं। ऐसा होना भी लाजिमी है, क्योंकि दोबारा से पार्टी की कोर कमेटी प्रत्याशियों की सूची जारी करेगी।
किसका नाम कटेगा और किसको टिकट मिलेगा, बस यही सोचकर कार्यकर्ता व समर्थक उलझन में पड़े हैं। सबकी निगाहें पार्टी द्वारा जारी होने वाली नई सूची पर हैं। हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि उसके विस क्षेत्र से किसे प्रत्याशी बनाया गया। टीवी के जरिए सूबे की सियासत का पूरा हाल लोग जान रहे हैं। वहीं, पूर्व में घोषित प्रत्याशियों की जान भी हलक में फंसी हुई है।
कुछ दिन पहले सपा मुखिया मुलायम सिंह ने प्रत्याशियों की सूची जारी की थी। जिसमें अमरोहा विस क्षेत्र से महबूब अली, धनौरा विस क्षेत्र से उर्वशी व नौगावां सादात विस क्षेत्र से हाजी इकरार अंसारी को पार्टी उम्मीदवार घोषित किया था। हसनपुर विस सीट से कमाल अख्तर को टिकट दिया था। उनकी सूची में मौजूदा विधायक अशफाक अली खां व माइकल चंद्रा का नाम नहीं था। दोनों के टिकट काट दिए गए थे। इसके बाद पार्टी में घमासान मच गया था।
मुख्यमंत्री ने अपने प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर सियासी तूफान मचा दिया था। इसमें नौगावां सादात विस सीट से अशफाक अली खां, हसनपुर से कमाल अख्तर, धनौरा से एम चंद्रा का नाम था, लेकिन इकरार, उर्वशी व महबूब अली गायब थे। परिवार के बीच तल्खी अब खत्म हो गई है।
मुख्यमंत्री, मुलायम सिंह यादव, आजम खां और शिवपाल यादव की कोर कमेटी द्वारा प्रत्याशियों का चयन किया जाएगा और फिर से सूची जारी होगी। गौर करने की बात ये है कि पहली सूची में जिन्हें पार्टी ने प्रत्याशी बनाया है, उनका नाम नई में होगा या नहीं। जिन्हें बाद में उम्मीदवार सीएम ने घोषित किया था, वह नई में शामिल रहेंगे या नहीं, बस इसी बात को लेकर माननीयों, समर्थकों व कार्यकर्ताओं में बेचैनी है। हरेक के दिल की धड़कन पहले की अपेक्षा अब ज्यादा धड़क रही हैं।