लखनऊ में सपा के बीच मचे घमासान के बीच शरारती तत्वों ने एक बार फिर कैबिनेट मंत्री महबूब अली के होर्डिंग्स पर शुक्रवार रात में कालिख पोत दी। शातिरों ने इस बार डिडौली कोतवाली के गांव हरियाना में हाईवे पर लगे होर्डिंग्स को निशाना बनाया है। सुबह नजारा देखते ही लोगों में खलबली मच गई। समर्थक भी हैरानी में पड़ गए। इसके पहले शरारती तत्वों ने जोया रोड पर होर्डिंग्स को निशाना बनाया था। सुबह समर्थकों ने कई होर्डिंग्स को उतार लिया तो पुलिस ने कई को साफ करा दिया। मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
हिस्ट्रीशीटर शौकत पाशा की हत्या के बाद से ही कैबिनेट मंत्री महबूब अली तुर्क बिरादरी के लोगों के निशाने पर हैं। हत्या के अगले दिन तुर्क बिरादरी के लोगों ने नेशनल हाईवे पर शव रखकर जमकर उत्पात मचाया था। कैबिनेट मंत्री के होर्डिंग्स फूंके गए थे और तोड़फोड़ भी की थी। इसके बाद कई दिनों तक तुर्क बहुल गांवों में मंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए थे और उनके होर्डिंग्स पर कालिख भी पोती गई थी। समय के साथ तुर्क बिरादरी का आंदोलन तो धीमा पड़ गया, लेकिन शरारती तत्व अभी अपनी वारदातों से बाज नहीं जा रहे हैं।
अभी जोया रोड पर कैबिनेट मंत्री को होर्डिंग्स पर कालिख पोतने को दस दिन भी नहीं बीते थे कि शुक्रवार रात डिडौली कोतवाली के गांव हरियाना स्थित मदरसे के पास नेशनल हाईवे पर लगे कैबिनेट मंत्री महबूब अली और और उनके बेटे परवेज अली के नये साल के बधाई देने वाले होर्डिंग्स पर फिर किसी ने कालिख पोत दी। शनिवार सुबह मार्ग से गुजरने वाले लोगों ये नजारा देखा तो उनमें खलबली मच गई।
शरारती तत्वों के इस कृत्य से जहां कैबिनेट मंत्री के समर्थक सकते में हैं वहीं, लोग इसे कैबिनेट मंत्री के खिलाफ चल रहे तुर्क आंदोलन से जोड़कर देख रहे हैं। जानकारी होने पर सुबह कुछ होर्डिंग्स को समर्थकों ने उतरा दिया। अभी तक पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है, लेकिन अंदरखाने जांच पड़ताल की जा रही है। इस कृत्य को अंजाम देने वाले लोगों की पहचान की जा रही है।