अमरोहा। यूरिया समेत दूसरे उर्वरकों की मांग को लेकर मारामारी मची है। उर्वरक विक्रेता किसानों को उनकी जमीन से अधिक खाद बेच रहे हैं। इस तरह के मामलों में कृषि विभाग की और से कार्रवाई की गई है।
जमीन से अधिक खाद की बिक्री करने पर तीन उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं जबकि आठ लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। कृषि विभाग का कहना है कि जिले में सभी समितियों पर पर्याप्त खाद की उपलब्धता है। पिछले कई दिनों से जिले में खाद को लेकर किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि कृषि विभाग जिले में भरपूर मात्रा में खाद उपलब्ध होने के दावे कर रहा है।
जिला कृषि अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। फिलहाल 5232 एमटी यूरिया, 1872 एमटी डीएपी व 2604 एमटी एनपीके उपलब्ध है। खाद की कालाबाजारी को रोकने के लिए भी पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
पिछले एक सप्ताह से लगातार छापामार कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले लगभग एक सप्ताह से लगातार छापामार कार्रवाई की जा रही है।
मानक के विपरीत व जमीन से अधिक खाद देने पर तीन उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस भी निरस्त कर दिए गए हैं। इसके अलावा आठ लाइसेंस के निलंबन की कार्रवाई की गई है।
उन्होंने चेताया कि नियमानुसार खाद की बिक्री न करने पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने उर्वरक लाइसेंस धारकों से कहा है कि किसानों को दी जाने वाली रसीद बुक स्टॉक और सेल रजिस्टर अपडेट रखें। उर्वरक का भौतिक स्टॉक एवं पीओएस मशीन का स्टॉक समान होना चाहिए तथा विक्रय केंद्रों पर स्टॉक और रेट बोर्ड जरूर लगाकर रखें।