डिडौली। कोतवाली क्षेत्र के पूरनपुर गांव में तेंदुए ने ग्राम प्रधान सतवीर सिंह के ट्यूबवेल के पास नीलगाय के बच्चे का शिकार कर लिया। घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। तेंदुए की मौजूदगी से किसान खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुआ पिछले कई दिनों से गांव के आसपास जंगलों और खेतों में दिखाई दे रहा है। बुधवार को ट्यूबवेल के पास नीलगाय के बच्चे का शिकार किए जाने की जानकारी मिलने के बाद लोगों में डर और बढ़ गया। ग्रामीणों को आशंका है कि तेंदुआ शिकार की तलाश में आबादी के नजदीक भी पहुंच सकता है। ऐसे में खेतों में काम करने वाले किसानों और पशुओं के लिए चारा लेने जाने वाले लोगों को खतरा बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो किसी व्यक्ति या पशु पर हमले की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। डीएफ राजीव कुमार ने बताया कि
बीते तीन महीने में क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। अक्तूबर में चुबका, पूरनपुर और आसपास के इलाकों में तेंदुए दिखाई देने की सूचना मिली। 12 अक्तूबर को सहसपुर अलीनगर से मिलक गौसपुर जाने वाले मार्ग पर तेंदुआ दिखाई दिया था। 16 अक्तूबर को चुबका-पूरनपुर मार्ग पर एक साथ दो तेंदुए दिखने की सूचना मिली। इसी रात मूंढा इम्मा बिजलीघर मार्ग पर भी तेंदुआ दिखाई दिया था। इसके अलावा पीठखेड़ा, सिरसा मनिहार, वाजिदपुर, शहबाजपुर, बुढ़नपुर, दीपपुर और डिडौली के जंगलों में भी तेंदुए की मौजूदगी की सूचनाएं सामने आती रही हैं। 19 अक्तूबर को डिडौली के जंगल में और 26 अक्तूबर को फराशपुरा में नीलगाय का शव मिलने के बाद तेंदुए के शिकार की आशंका जताई गई थी।