जोया/रजबपुर। जिले में तेंदुए की दहशत बरकरार है। क्षेत्र के गांव औरंगाबाद में तेंदुए ने नीलगाय और दो कुत्तों को मार डाला। वहीं पीठखेड़ा में भी तेंदुए देखे जाने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। ग्रामीण अकेले खेत पर जाने कतरा कर रहे हैं। वन विभाग को सूचना देकर पिंजरा लगवाने की मांग की है।
क्षेत्र के गांव निवासी प्रदीप कुमार बुधवार रात खेत पर फसल की सिंचाई कर रहे थे। लगभग एक बजे उन्होंने खेत पर तेंदुए को देखा तो वह फौरन गांव में पहुंचे तथा अन्य लोगों को सूचना दी। ग्रामीण जंगल पहुंचे लेकिन तेंदुआ दिखाई नहीं दिया। उसके बाद गांव के ही प्रदीप कुमार, जफरूद्दीन, शाहबुद्दीन व चेतन भी बृहस्पतिवार सुबह सवेरे जंगल जा रहे थे। उन्होंने भी गांव के बाहर तेंदुए को देखा। डर के कारण चारों वापस घर लौट आए। इसके बाद दिन में ग्रामीणों ने गांव के मकबूल के खेत में नीलगाय का शव पड़ा देखा। जिसे तेंदुए ने खा लिया था। इन घटनाओं के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई। उन्होंने वन विभाग को सूचना दी तो टीम गांव पहुंची। दोपहर में ग्रामीणों ने गांव के बाहर स्थित पंचायत भवन पर लगे सीसीटीवी की फुटेज देखी तो वह चौंक गए। आधा घंटा के अंतराल पर तेंदुआ दो कुत्तों का शिकार कर जंगल में ले जाता दिखाई दिया है। ग्रामीणों ने गांव में पिंजरा लगवाने की मांग की है।
उप क्षेत्रीय वन अधिकारी राजीव कुमार वर्मा ने बताया औरंगाबाद में तेंदुआ होने की सूचना मिली है। पिंजरा लगाकर उसे पकड़ने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, रजबपुर थानाक्षेत्र के गांव पीठखेड़ा में भी बुधवार रात ग्रामीणों ने जंगल में तेंदुआ देखा है। गांव के धर्मवीर सिंह, बाबी व हर्ष कुमार भी रात खेत पर जा रहे थे। रास्ते में तेंदुआ देख कर वापस लौट गए। तेंदुए की सूचना वन विभाग को देते हुए पिंजरा लगाने की मांग की है।