घायल किसान को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है
मुरादाबाद मंडल के कई गांवों में काफी समय से कायम तेंदुओं का खौफ सोमवार को चरम पर पहुंच गया। अलग-अलग स्थानों पर तेंदुओं के हमले में रामपुर में वनकर्मी समेत दो लोग घायल हुए हैं, जबकि अमरोहा जिले में एक किसान ने हमले में जख्मी होने के बाद भी तेंदुए से जूझकर खुद को बचाया। ग्रामीणों के मुताबिक साहसी किसान ने खुद पर हमला होने के बाद भी तेंदुए पर दरांती से पलटवार किए। करीब तीन मिनट मुकाबला करके किसान ने खुद को बचा तो लिया लेकिन उनके शरीर पर जगह-जगह 25 जख्म हैं। अमरोहा जिला अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है।
स्वार क्षेत्र में सोमवार को तेंदुए ने अलग-अलग स्थानों पर हमले कर वन रक्षक और एक सफाई कर्मचारी को घायल कर दिया। वन रक्षक धर्मेंद्र कुमार पर शाम के समय तेंदुए ने उस वक्त हमला बोला जब वह उसकी घेराबंदी के लिए लगाए गए पिंजरे में मौजूद बकरी को चारा डाल रहे थे। इससे पूर्व सुबह करीब पांच बजे आकाश नामक युवक को तब तेंदुए ने निशाने पर लिया, जब वह अपने भाई के साथ बाइक से मिर्जापुर गांव में सफाई करने जा रहे थे। दोनों का उपचार कराना पड़ा।
वन विभाग के एसडीओ ओम प्रकाश राम ने बताया कि मिर्जापुर के जंगल में तेंदुए की दहशत के कारण पिंजरा लगाया गया था। सोमवार शाम करीब छह बजे वन रक्षक धर्मेंद्र पिंजरे में बंधी बकरी को चारा डालने गए तो ओट से अचानक निकले तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। धर्मेंद्र के चिल्लाने पर आसपास मौजूद लोग समूह में दौड़े तो तेंदुआ भाग गया। घायल धर्मेंद्र को स्वार सीएचसी में उपचार दिलाया गया है।
इससे पूर्व सुबह करीब पांच बजे सफाई कर्मचारी आकाश अपने छोटे भाई आशीष के साथ बाइक से मोहब्बतनगर के जंगल से गुजर रहे थे। एक खेत से अचानक तेंदुआ निकल आया। आकाश ने नजदीकी खेतों में धान की रोपाई करने वालों को सचेत करने के लिए शोर मचाया तो तेंदुए ने उन पर ही हमला कर दिया। नजदीक मौजूद लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ पास के मक्का के खेत में जा घुसा।
एसडीओ ओम प्रकाश राम के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। खेत की घेराबंदी की लेकिन तेंदुआ पकड़ में नहीं आया। इसके बाद मक्का के खेत की मेड़ पर पिंजरा लगाकर उसमें बकरी बांधी गई। एसडीओ ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और नजर आने पर तेंदुए से दूरी बनाए रखने की अपील की है। दूसरी ओर, एक ही दिन में दो हमलों से मिर्जापुर और आसपास के गांवों में दहशत है। ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम देर से सक्रिय होने की शिकायत भी रखी है।
रामपुर के मसवासी क्षेत्र के जंगल बेलवाड़ा में रविवार शाम तेंदुआ और दो शावकों के साथ नजर आने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। उनका कहना है कि पिछले काफी समय से कोसी नदी किनारे के जंगलों में तेंदुए की गतिविधियां देखी जा रही हैं।
रविवार को ग्रामीणों ने तेंदुए को शावकों संग घूमते देखने का दावा किया है। बाद में इसका वीडियो भी वायरल हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ इसी जंगल को अपना स्थायी ठिकाना बना चुका है। किसान खेतों पर अकेले जाने से बच रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए तत्काल पिंजरा लगाने, गश्त बढ़ाने और निगरानी टीम तैनात करने की मांग की है। वन विभाग के एसडीओ ओम प्रकाश राम ने बताया कि सोमवार को मिर्जापुर जंगल की कांबिंग की गई। एक स्थान पर पिंजरा लगा दिया है। बेलवाड़ा में जांच के बाद पिंजरा लगाया जाएगा।
अमरोहा देहात क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर इंतेजाम अली के जंगल में सोमवार सुबह करीब सात बजे खेत पर चारा काट रहे किसान इंद्रपाल सिंह पर तेंदुए ने हमला कर दिया। किसान ने करीब तीन मिनट तक साहस के साथ तेंदुए का मुकाबला किया और आखिरकार उसे भागने पर मजबूर कर दिया। इस संघर्ष में इंद्रपाल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। शरीर पर तेंदुए के हमले से 25 जख्म पाए गए हैं। जिला अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है।
जख्मी किसाने के मुताबिक हमले के दौरान तेंदुआ उन्हें खींचकर गन्ने के खेत में ले जाने लगा। जान बचाने के लिए हाथ में मौजूद दरांती से तेंदुए का मुकाबला शुरू कर दिया। नजदीक मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि करीब तीन मिनट तक इंद्रपाल और तेंदुए के बीच संघर्ष चला। तेंदुआ बार-बार झपट्टा मार रहा था लेकिन इंद्रपाल भी दरांती से जवाबी वार कर रहे थे। कई वार होने से तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया।
चिकित्सकों के मुताबिक इंद्रपाल सिंह के सिर, बाईं बांह, कंधे और पीठ पर तेंदुए के दातों व पंजों के गंभीर जख्म हैं। अस्पताल ले जाने तक उनका काफी खून बह गया गया था।
ग्राम प्रधान महेश कुमार ने वन विभाग को जानकारी दी तो डिप्टी रेंजर राजीव वर्मा के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ जंगल में तलाश शुरू की। इस बीच तेंदुआ हाथ नहीं आया। किसान पर हमले की घटना के बाद खेतों में घूमी टीम और ग्रामीणों को गन्ने के खेत में तेंदुए का एक शावक नजर आया। गन्ने का यह खेत इंद्रपाल के खेत से सटा है। वन विभाग ने शावक की उम्र करीब एक महीने बताई है। साथ ही क्षेत्र में पिंजरा लगाकर निगरानी शुरू कर दी है। शावक को भी पिंजरे के पास सुरक्षित रख दिया है। शावक मिलने से हमलावर तेंदुए के मादा होने का अनुमान है। वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने और अकेले खेतों में नहीं जाने की सलाह दी है।