फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amroha News: छल-कपट छोड़ सरल जीवन जीना ही उत्तम आर्जव

विज्ञापन
विज्ञापन
अमरोहा। जैन मंदिर कोट में चल रहे दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने उत्तम आर्जव धर्म की आराधना की। सुबह जिनेंद्र अभिषेक और रिद्धि मंत्रों के साथ शांतिधारा हुई। इसके बाद दशलक्षण मंडल विधान, मंगलमय आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। जैन समाज के लोगों ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया।
विज्ञापन

सांगानेर से आए शास्त्री सौरभ जैन ने कहा कि आर्जव धर्म आत्मा के निर्मल स्वभाव का प्रतीक है, जिसमें मन, वचन और काय की सरलता होती है। छल-कपट, मायाचार और आडंबर छोड़कर भीतर-बाहर से एक समान रहना ही इसका सार है। उन्होंने कहा कि गलतियों को सहजता से स्वीकार करना, कथनी-करनी में एकरूपता रखना और दिखावे से दूर रहना भी आर्जव धर्म का पालन है। सरलता और निष्कपटता व्यक्ति को आत्मिक शांति की ओर ले जाती है।
शास्त्री ने आचार्य उमास्वामी के तत्त्वार्थ सूत्र और पंडित दौलतराम की छहढाला में बताए आर्जव धर्म के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए आत्मचिंतन और संयम का संदेश दिया।
विज्ञापन

इस दौरान जैन समाज समिति के अध्यक्ष योगेश जैन, मंत्री शरद जैन, कोषाध्यक्ष राजेश जैन के अलावा शुभम जैन, आदित्य जैन, प्रेरक जैन, पुष्प जैन, विनय जैन, अरिहंत जैन, रोहित जैन, संयम जैन, पारस जैन, नमन जैन, सीमा जैन, बेला जैन, शीतल जैन, राजुल जैन और अंजू जैन मौजूद रहे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें