अमरोहा। डिजिटल रजिस्ट्री के विरोध में शनिवार को सदर तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री कार्यालय पर ताला जड़ दिया। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि निर्णय वापस न होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
अध्यक्ष शकील अहमद ने बताया कि चार जून को जारी आदेश के तहत डिजिटल ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू करने और रजिस्ट्री कार्य निजी कंपनी के माध्यम से कराने की योजना प्रस्तावित है। इस व्यवस्था के लागू होने से प्रदेश के अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं, मुंशियों और टाइपिस्टों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। इसी मुद्दे को लेकर अमरोहा सदर तहसील बार के अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टांप वेंडर, मुंशी और टाइपिस्ट 11 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।
उनका कहना है कि रजिस्ट्री व्यवस्था का निजीकरण न्यायिक व्यवस्था और रोजगार, दोनों के लिए नुकसानदेह होगा। वकीलों ने सरकार से सात प्रमुख मांगें रखी गई हैं। इनमें महानिरीक्षक निबंधन के चार जून के आदेश को तत्काल निरस्त करने, प्रस्तावित डिजिटल ई-रजिस्ट्री योजना समाप्त करने, रजिस्ट्री कार्य किसी निजी कंपनी को न सौंपने तथा वर्तमान व्यवस्था को पारदर्शिता के साथ जारी रखने की मांग शामिल है। इसके अलावा अधिवक्ताओं के वैधानिक अधिकारों और रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने, प्रदेश में अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू करने की मांग दोहराई।
अमरोहा सब-रजिस्ट्रार कार्यालय को नवीन तहसील भवन ग्राम गुलड़िया में स्थापित करने को कहा। इस दौरान बार सचिव संजीव कुमार, यशपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, इंद्रपाल सिंह, यशपाल सिंह, मिंजार हुसैन, शमीम अहमद तुर्क, अमजद इदरीसी, हबीब अहमद, मंसूर अहमद, शौकीन मंसूरी समेत दस्तावेज लेखक व स्टांप वेंडर आदि मौजूद रहे। उधर, नौगावां सादात में भी हड़ताल के दौरान वकीलों ने डिजिटल रजिस्ट्री को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया।