अमरोहा। गाजियाबाद-मुरादाबाद रेलखंड पर ट्रेनों का दबाव घटाने के लिए तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। इसके लिए जिले के 46 गांवों में किसानों की जमीन अधिगृहीत होगी। जिला प्रशासन ने रेलवे से प्रभावित जमीनों का प्रस्ताव और नक्शा मांगा है। फिलहाल संबंधित जमीनों के बैनामों पर रोक लगा दी गई है।
रेलवे ने प्रभावित गांवों की सूची प्रशासन को दे दी है, लेकिन जमीनों का विस्तृत ब्योरा और नक्शा मिलना बाकी है। प्रस्ताव मिलने पर राजस्व विभाग की टीम गाटा संख्या के आधार पर सर्वे कर जमीनों का चिह्नांकन करेगी। इससे पता चलेगा कि परियोजना में किस किसान की कितनी जमीन आएगी। इसके बाद प्रभावित किसानों का विवरण तैयार कर अधिग्रहण और मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी करमेंद्र सिंह ने बताया कि रेलवे से प्रस्ताव और नक्शा मांगा गया है। इनके आधार पर गाटा संख्या का मिलान कर कार्रवाई की जाएगी। संबंधित जमीनों पर धारा 80 पहले ही लागू हो चुकी है।
100 से अधिक ट्रेनों का होता है संचालन
गाजियाबाद-मुरादाबाद रेलखंड उत्तर रेलवे के व्यस्त मार्गों में शामिल है। इस ट्रैक से प्रतिदिन 100 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। तीसरी और चौथी रेल लाइन बनने से यात्री और मालगाड़ियों के संचालन में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। इससे ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा और भविष्य में अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन का रास्ता भी खुलेगा।
इन गांवों में अधिगृहीत होगी जमीन
रेलवे की सूची में काफूरपुर, नरैना कलां, भटपुरा माफी, जलालपुर, मुलकटा, महेशरा, शेखूपुर शुमाली, शाहपुर बुजुर्ग, भानपुर खालसा, अलीपुर भूड़ शुमाली, अफजलपुर गोसाईं, मोहरका, चौबारा, शहबाजपुर डोर, कांकाठेर, ओसिता एहतमाली, जगदेवपुर, पायंती कलां, सिरसा मोहन, नौरंगी, मुजफ्फरपुर पट्टी, सिरसा मनिहार, वाजिदपुर, चक्कालीलेट, कासिमपुर जट, लोदीपुर बंजारा, मोड़ी जट, पृथ्वीपुर कलां, कैलसा, उमर मोहम्मदपुर, अदलपुर ताज, तेलीपुरा माफी, केशोपुर, उमरपुर, धनौरी अहीर, सलेमपुर हामनगर, अमरोहा खास चुंगी, गुलड़िया, खालकपुर खादर, गफ्फारपुर, धकतौड़ा और चांदनगर समेत 46 गांव शामिल हैं।