अमरोहा। जनपद से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के लिए जिले के 975 किसानों की जमीन अधिगृहीत की जाएगी। इसके लिए हसनपुर और धनौरा तहसीलों के 52 गांवों की गाटा संख्या का सत्यापन किया जा रहा है।
प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली इस परियोजना के पूरा होने पर अमरोहा से हरिद्वार की दूरी और यात्रा समय कम होगा। इसी माह जिले में नए सर्किल रेट बढ़ाने पर भी विचार चल रहा है।
करीब 116.85 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित अमरोहा-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेसवे का लगभग 44 किलोमीटर हिस्सा अमरोहा जिले से होकर गुजरेगा। यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज-मेरठ गंगा एक्सप्रेसवे के मंगरौला टी-प्वाइंट से जुड़ते हुए हरिद्वार तक पहुंचेगा।
परियोजना के लिए सर्वे पूरा हो चुका है और गाटा संख्या के सत्यापन का कार्य अंतिम चरण में है। इसके बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। हाल ही में मुख्यमंत्री ने भी परियोजना में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
परियोजना पूरी होने पर जिले को दूसरा एक्सप्रेसवे मिलेगा, जिससे औद्योगिक विकास, निवेश, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वहीं, परियोजना की सफलता भूमि अधिग्रहण, किसानों को उचित मुआवजा और उनकी आपत्तियों के समयबद्ध निस्तारण पर निर्भर करेगी। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हैं और गाटा सत्यापन पूरा होते ही अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
व्यावसायिक प्रतिष्ठान विकसित किए जाएंगे : परियोजना के तहत जिले के 975 से अधिक किसानों की कृषि भूमि अधिग्रहित होने की संभावना है। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर उद्योग, वेयरहाउस, होटल, पेट्रोल पंप, लॉजिस्टिक हब और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान विकसित किए जाएंगे। इससे क्षेत्र में निवेश बढ़ने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन सभी अभिलेखों का सत्यापन कर रहा है।