अमरोहा। हरिद्वार एक्सप्रेसवे के लिए हसनपुर और मंडी धनौरा तहसील के 52 गांवों में जमीन खरीद का रास्ता साफ हो गया है। जमीन और परिसंपत्तियों का सर्वे पूरा होने के साथ गाटा संख्या के मिलान और अंश निर्धारण की प्रक्रिया भी लगभग पूरी है। शुक्रवार से नई सर्किल दरें लागू होने के बाद अब प्रशासन को यूपीडा की तारीख का इंतजार है। तारीख मिलते ही किसानों से बैनामे शुरू होंगे।
मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे को हसनपुर में मंगरौला टी-पॉइंट के पास रूखालू गांव के नजदीक हरिद्वार एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाना है। करीब 146.24 किलोमीटर लंबे मार्ग में हसनपुर और मंडी धनौरा के 52 गांवों की जमीन प्रभावित होगी। सर्वे पूरा होने के बाद अब गाटा संख्या और रकबे का समाचार पत्रों में प्रकाशन कराया जाएगा।
इसके बाद जमीन खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मंडी धनौरा क्षेत्र में करीब 1100 किसानों की 354 हेक्टेयर और हसनपुर में करीब 500 किसानों की 175 हेक्टेयर जमीन शामिल है। बैनामे शुरू होते ही परियोजना को मिलेगी रफ्तार : गाटा संख्या के मिलान और अंश निर्धारण का काम पूरा होने के बाद जमीन खरीद परियोजना का सबसे अहम चरण होगा। प्रशासन को यूपीडा की तारीख का इंतजार है। तारीख तय होने के बाद किसानों से बैनामे कराए जाएंगे। जमीन उपलब्ध होने के साथ ही एक्सप्रेसवे निर्माण से जुड़ी गतिविधियों में भी तेजी आने की उम्मीद है।