अमरोहा एंबुलेंस में डिलेवरी के बाद ईएमटी कौशलेंद्र की गोद में नवजात बच्ची।
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अमरोहा। कहते हैं कि जान बचाने वाले का दर्जा खुदा से कम नहीं होता। किसी को जीवनदान देने का काम स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी रोजाना करते हैं। ऐसा बहुत ही कम होता है जब कठिन परिस्थितियों में किसी की खतरे में पड़ी जान को कम संसाधनों के साथ बचाया जाए। अमरोहा की 108 एंबुलेंस में कुछ ऐसा ही हुआ। प्रसव पीड़ा के चलते चलती एंबुलेंस में ही महिला की नार्मल डिलीवरी कराई गई। जिससे जज्चा और बच्चा दोनों की जान बच गई। महिला ने एंबुलेंस में बेटी को जन्म दिया।
नौगांवा सादात के पंजू सराय में बब्बू का परिवार रहता है। उसकी पत्नी वर्षा गर्भवती थी। मंगलवार की शाम करीब छह बजे वर्षा को प्रसव पीड़ा होने लगी। लिहाजा उसके परिजनों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची एंबुलेंस कर्मी वर्षा को लेकर जिला अस्पताल में लिए चल पड़े। एंबुलेंस में ईएमटी कौशलेंद्र सिंह, चालक राहिल हुसैन के अलावा आशा रिनू और एक अन्य महिला मौजूद थी। लेकिन रास्ते में वर्षा को हालत बिगड़ने लगी। लिहाजा चालक एंबुलेंस को लेकर नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाने लगा। लेकिन शहर में जगह, जगह सड़क निर्माण के चलते एंबुलेंस फंस गई। तभी ईएमटी कौशलेंद्र ने आशा के सहयोग से एंबुलेंस में ही नार्मल डिलीवरी कराई। ईएमटी के मुताबिक वर्षा का केस बहुत ही ज्यादा क्रिटिकल था। गर्भ में बच्चा नाल में फंसे होने के चलते डिलीवरी नहीं हो पा रही थी। लेकिन कम संसाधनों में महिला की नार्मल डिलीवरी कराई गई है। वर्षा ने एक बेटी को जन्म दिया। इसके बाद एंबुलेंस कर्मियों ने जज्चा और बच्चा को सीएचसी में भर्ती कराया दिया। जहां दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं। सीएमओ डॉ संजय अग्रवाल ने एंबुलेंस पर तैनात पैरामेडिकल स्टाफ की प्रशंसा की।