शहर के इकरार नगर मोहल्ले से 53 दिन पहले दोनों मासूम भाइयों का अपहरण बेचने के लिए किया गया था। मुरादाबाद, बदायूं, मध्यप्रदेश और दिल्ली में बच्चों के खरीदार ढूंढने के लिए भटकते रहे, लेकिन नौसिखिये अपनी इस गलत कार्य में कामयाब नहीं हो सके। छह माह की गर्भवती होने और छह माह का बालक गोद में होने के कारण अपहरण की आरोपी महिला पर लोग संदेह करते थे। स्वाट टीम और कोतवाली पुलिस ने अपहरण की आरोपी महिला को मुरादाबाद रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर मासूम भाइयों को बरामद कर लिया।
शुक्रवार की अपराह्न ढाई बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में एसपी डा. शिवा शिंपी चनप्पा और अपर पुलिस अधीक्षक उदय शंकर सिंह ने खुलासा किया। कहा शाहिद के घर में ऊपरी तल पर रहने वाले किराएदार गुड्डू के बेटे जैद और उवैस का 28 अगस्त की रात पड़ोसी किराएदार बरेली के नौसना निवासी शादाब उर्फ नूर हसन व इसकी कथित बीवी अनम ने अपहरण किया था। अबोध भाइयों को उस समय अगवा किया गया था जब दोनों अपनी मां की बगल में सो रहे थे।
बच्चों की बरामदगी के लिए कोतवाली पुलिस के साथ ही स्वाट और सर्विलांस टीम को भी लगाया था। शुक्रवार की सुबह स्वाट टीम प्रभारी उदय प्रताप और कोतवाली के दरोगा पवन सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने मुरादाबाद रेलवे स्टेशन से बरेली के नौसना मीरगंज निवासी अनम पत्नी शादाब उर्फ नूर हसन को गिरफ्तार कर दोनों मासूम भाइयों को बरामद कर लिया, जबकि महिला का शौहर पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा।
पूछताछ में अनम ने बताया कि तंगी से परेशान होने के कारण पड़ोसी किराएदार गुड्डू के बेटे जैद और उवैस का अपहरण किया था। रात में ही बाइक से संभल, चंदौसी और फिर बदायूं पहुंचे।
बदायूं से ट्रेन द्वारा मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर पहुंचे। वहां की आजाद नगर कालोनी में किराए पर रहने लगे। बच्चो को बेचने की काफी कोशिश की, लेकिन कोई खरीदार नहीं मिला। लोगों के शक करने पर जबलपुर से ट्रेन से दिल्ली गए, लेकिन यहां भी खरीदार नहीं मिला। मुरादाबाद में पति ने कहीं सौदा किया था तो यहां आ गए। रेलवे स्टेशन पर खरीदार का इंतजार कर रहे थे। इसी दरम्यान पुलिस के हत्थे चढ़ गए।