अमरोहा। कोविड-19 के चलते श्रावण मास की कांवड़ यात्रा स्थगित हो गई है। ऐसे में डीजे और भंडारे पर पूर्णतया पाबंदी रहेगी। पुलिस ने आयोजकों को नोटिस जारी कर उल्लंघन करने कड़ी कार्रवाई की नसीहत दी है। नोटिस मिलने के बाद डीजे और भंडारा संचालकों में हड़कंप मचा है।
हिंदूधर्म में श्रावण मास में की जाने वाली कांवड़ यात्रा का बहुत महत्व है। हर साल लाखों श्रद्धालु सुख-समृद्धि की कामना लिए इस पावन यात्रा पर निकलते हैं। पवित्र स्थलों से जल और कांवड़ लाकर शिवलिंग पर चढ़ाते हैं। विधिविधान से भगवान भोले का जलाभिषेक करते हैं। ऐसा करने से भगवान शिव अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। हर साल बरेली, संभल, चंदौसी, और मुरादाबाद समेत अन्य कई जिले के लाखों शिवभक्तों ने ब्रजघाट जल लेने जाते हैं। हजारों हरिद्वार जैसे प्रसिद्ध स्थलों से जल लाकर मंदिरों में चढ़ाते हैं। कांवड़ियों चलते हाईवे और स्टेट हाईवे पर बम-बम भोले के जयकारे भी गूंज सुनाई देती थी। लेकिन इस बार कोविड-19 के चलते कांवड़ यात्रा स्थगित कर दी गई है। ब्रजघाट में पुलिस का पहरा रहेगा। किसी को जल भरने की अनुमति नहीं होगी। जबकि हरिद्वार जाने वाले भक्तों को वहीं चौदह दिन क्वारंटीन रहना पड़ेेगा। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। ऐसे में जिला प्रशासन ने भक्तों को घरों में जल चढ़ाने की अपील की है। सुरक्षा-व्यवस्था के लिहाज से पुलिस का पहरा रहेगा। डिडौली पुलिस ने आठ डीजे और भंडारा संचालकों को नोटिस जारी किया है। आयोजकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कोविड-19 महामारी के चलते कांवड़ यात्रा स्थगित है। कांवड़ यात्रा, शिवरात्रि या रक्षाबंधन आदि पर्वों पर भंडारे का आयोजन नहीं किया जाएगा। उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नोटिस मिलने के बाद डीजे और भंडारा संचालकों में हड़कंप मचा है।