अमरोहा। 30 जुलाई से 24 अगस्त तक चलने वाली सावन कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। लाखों शिवभक्तों के जिले से गुजरने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं का खाका तैयार कर लिया है। पूरी कांवड़ यात्रा पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी रखी जाएगी, जबकि 900 से अधिक पुलिसकर्मी सुरक्षा संभालेंगे।
सावन में भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए लाखों कांवड़िए नंगे पैर कांवड़ कंधे पर रखकर सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा करते है। कांवड़ यात्रा में भक्तों की श्रद्धा की परीक्षा होती है। बरेली, मुरादाबाद मंडल के अलावा बुलंदशहर समेत कई जनपदों के शिवभक्तों के लिए गढ़ मुक्तेश्वर का ब्रजघाट कांवड़ में जल लेने के लिए प्रमुख स्थान है। इन क्षेत्रों के कांवड़िए ब्रजघाट से गंगाजल लेकर प्रत्येक सोमवार को भगवान भोले शंकर का जलाभिषेक करते हैं। हजारों शिव भक्त हरिद्वार, ऋषिकेश, गोमुख जैसे प्रसिद्ध स्थानों से भी गंगाजल लेकर लौटते हैं। ऐसे में सावन माह की कांवड़ यात्रा अमरोहा जनपद के लिए महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण रहती है।
अमरोहा जनपद से गुजरने वाले कांवड़ियों के लिए कई प्रमुख मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इनमें हाईवे का ब्रजघाट, गजरौला, चौधरपुर, डिडौली और जोया क्षेत्र सबसे अधिक व्यस्त रहते हैं। इसके अलावा अमरोहा-अतरासी मार्ग, अमरोहा-जोया मार्ग, अतरासी-हसनपुर मार्ग, अमरोहा-नौगावां सादात मार्ग, अमरोहा-बिजनौर मार्ग, गजरौला-धनौरा मार्ग तथा गजरौला-हसनपुर मार्ग से भी बड़ी संख्या में शिवभक्त गुजरेंगे। इन सभी मार्गों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष योजना तैयार की गई है
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरे जिले को चार सुपर जोन, 12 सेक्टर और 72 सब सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक क्षेत्र में जोन, सेक्टर और सब सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे। एएसपी अखिलेश भदोरिया के अनुसार 61 किलोमीटर लंबे दिल्ली हाईवे पर 61 स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया जाएगा। हर पांच किलोमीटर पर क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) मौजूद रहेगी जिससे किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
कांवड़ यात्रा के दौरान संभावित हादसों और आपात स्थितियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला अस्पताल की मैटरनिटी विंग में 15 बेड का मल्टीपर्पज वार्ड तैयार किया जा रहा है, जिसका उपयोग जरूरत पड़ने पर बाढ़ प्रभावित मरीजों के लिए भी किया जा सकेगा। इसके अलावा गजरौला, हसनपुर और मंडी धनौरा के सरकारी अस्पतालों में भी विशेष वार्ड बनाए जा रहे हैं। सभी केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। एक-एक फिजिशियन, सर्जन, ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ और नेत्र रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी लगाने की तैयारी है।
सावन माह में जिले के करीब 69 शिव मंदिरों और शिवालयों में जलाभिषेक होगा, लेकिन कुछ प्रमुख मंदिरों में सबसे अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इनमें अमरोहा का वासुदेव तीर्थ मंदिर, बहलौलपुर का शिव मंदिर, गजस्थल का शिव मंदिर, हसनपुर का शिवाला मंदिर, फूलपुर गांव का शिव मंदिर, बिजनौरा गांव का शिव मंदिर, आदमपुर का शिव मंदिर, कोकापुर का शिव मंदिर, मंडी धनौरा का पत्थरकुटी मंदिर और गजरौला का चाकेश्वर मंदिर प्रमुख हैं।
पुलिस इस बार केवल सुरक्षा बलों पर ही निर्भर नहीं रहेगी। जिन युवाओं की सामाजिक छवि अच्छी है और क्षेत्र में उनकी मजबूत पहचान है, उन्हें भी कांवड़ यात्रा के दौरान सहयोग के लिए जोड़ा जाएगा। ऐसे स्वयंसेवक भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सहायता में प्रशासन का सहयोग करेंगे।
कांवड़ यात्रा के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही पर विशेष नियंत्रण रहेगा। प्रशासन द्वारा तैयार डायवर्जन प्लान के अनुसार सावन के पहले दो सोमवार के लिए रविवार सुबह आठ बजे से सोमवार रात आठ बजे तक रोडवेज बसों, निजी बसों, ट्रक, डंपर, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य मालवाहक वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा बाद के दो सोमवार को शनिवार की सुबह 8 बजे से सोमवार की रात आठ बजे तक डायवर्जन रहेगा। कांवड़ियों के भीड़ बढ़ने पर प्रत्येक रविवार रात आठ बजे से सोमवार रात आठ बजे तक जीप, कार, पिकअप और अन्य छोटे वाहनों का संचालन भी निर्धारित मार्गों पर प्रतिबंधित रहेगा।