नगर में बुधवार को चतुर्थ श्रीशिव शक्ति महायज्ञ चतुर्वेद पारायण व श्रीराम कथा का शुभारंभ हो गया। इससे पहले महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। बैंडबाजे संग निकली कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। महिलाओं की करीब एक किमी लंबी पंक्ति से मार्ग भक्तिमय हो गया।
कलश यात्रा में श्रीराम के जयकारे भी गूंजे। कलश का विधिविधान से पूजन कराने के बाद महामंडलेश्वर जलेश्वर नंद गिरि महाराज ने कहा कि जिस मार्ग से कलश यात्रा गुजरती है, वह पवित्र हो जाता है। रमाबाई आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय के मैदान से कलश यात्रा शुरू हुई।
इसमें सबसे आगे शिव शक्ति महायज्ञ व श्रीराम कथा के आयोजक वेदपाल सिंह सिर पर धर्म ग्रंथ रखकर चल रहे थे। यात्रा में शामिल लोग देवी के भजनों व बैंडबाजे की धुन पर झूमते चल रहे थे। सबसे पीछे रथ पर महामंडलेश्वर जलेश्वर नंद गिरि महाराज सवार थे। भानपुर फाटक पार कर कलश यात्रा नागपाल इंटर नेशनल स्कूल स्थित आयोजन स्थल पर संपन्न हुई। विधिविधान से कलश का पूजन कर स्थापित कराए गए। जलेश्वर नंद गिरि महाराज ने कहा कि जिस मार्ग से कलश यात्रा गुजरती है, वह पवित्र हो जाता है।
उन्होंने पहलगाम हमले पर कहा कि दुष्ट को सबक सिखाना चाहिए। हमारे देश की सेना ने उन्हें सबक सिखाया, जो सही है। नौ कुंडीय यज्ञ में भगवान शिव और शक्ति के मंत्रों का उच्चारण किया जाएगा। अलग से बनाई वेदी में संरक्षण के लिए मंत्र छोड़े जाएंगे। वहीं, बृहस्पतिवार से श्रीराम कथा की भी शुरुआत होगी, जो सात जून तक चलेगी। इस दौरान देवेंद्र सिंह, सुरजीत सिंह, ब्रजपाल सिंह, प्रदीप वर्मा, प्रमोद अलूना का सहयोग रहा।