अमरोहा। कोरोना महामारी में डिडौली क्षेत्र में ठहरे पांच राज्यों के 22 जमातियों को पुलिस ने शनिवार को न्यायालय में पेश किया। जहां से सभी को जमानत मिल गई है। अन्य को जमानत मिलने के तक उन्हें शेल्टर होम में रखा जाएगा। इसके बाद वह अपने-अपने राज्य जा सकेंगे। इस मामले में रजबपुर, डिडौली और अमरोहा नगर पुलिस ने 48 जमातियों समेत 51 के खिलाफ आपदा प्रबंधन, महामारी अधिनियम और लॉकडाउन के उल्लंघन के आरोपी में एफआईआर दर्ज की थी। रविवार को नगर कोतवाली और रजबपुर पुलिस अन्य जमातियों को पेश कर सकती है।
वैश्विक महामारी में दिल्ली के निजामुद्दीन से निकली तब्लीगी जमात के लोग देश के कई राज्यों में धर्म प्रचार करने निकले थे। इसमें दिल्ली, गुजरात, बिहार, आसाम, लाखीमपुर खीरी और आंबेडकर नगर और पश्चिमी बंगाल के कुछ जमाती विभिन्न प्रदेशों में होकर सहारनपुर और मुरादाबाद के बाद अमरोहा पहुंचे थे। डिडौली कोतवाली क्षेत्र के जोया स्थित मदरसा, फत्तेहपुर माफी, रजबपुर और अमरोहा नगर में 48 जमाती रुके थे। फोन लोकेशन के आधार पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने सभी जमातियों को क्वारंटीन कराया था। उनके सैंपल कराए गए। इसमें ग्यारह जमाती और एक संरक्षण देने वाला व्यक्ति संक्रमित पाए गए थे। इनकी वजह से जिले में संक्रमण का खतरा काफी बढ़ गया था। लिहाजा डिडौली पुलिस ने 25, रजबपुर ने 16 और नगर कोतवाली 10 लोगों के खिलाफ धारा 188, 269, 270, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51(ब) और महामारी अधिनियम 1897 की धारा 3/4 के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इसमें 48 जमाती थे। जबकि तीन लोग जमातियों को संरक्षण देने वाले थे। तभी से सभी आरोपी जमाती शेल्टर हॉम में रुके हुए थे। शनिवार को डिडौली पुलिस ने 22 जमातियों को न्यायालय में पेश किया। जहां कोर्ट ने सभी को जमानत दे दी है। आज नगर कोतवाली और रजबपुर पुलिस अन्य जमातियों को पेश कर सकती है।