चरण दर चरण दाखिले की प्रक्रिया शुरू करने के बाद भी आईटीआई में सीटें भरना मुश्किल हो रहा है। जिले में पांच राजकीय और 19 निजी आईटीआई संस्थानों में वॉक इन सिद्धांत के तहत प्रवेश से चूके विद्यार्थियों को एक और मौका दिया गया था। जिसके तहत उन्हें 30 अक्तूबर तक दाखिले की प्रक्रिया को पूरा करना था, लेकिन निर्धारित तारीख बीतने के बाद भी संस्थानों में प्रवेश पूरे नहीं हो पा रहे हैं। वॉक इन सिद्धांत के तहत पहले आओ पहले पाओ के तहत दाखिले की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी 1306 सीटें खाली रह गई हैं।
- आईटीआई की कई ट्रेड में विद्यार्थियों का रूझान कम हो गया है। उन सीटों पर प्रवेश न होना भी सीटें खाली रहने का एक बड़ा कारण है। इसके अलावा मेरिट के आधार पर प्रवेश होने के बाद कहीं उच्च शिक्षण संस्थान में छात्र के प्रवेश लेने के कारण भी सीटें खाली रह जाती हैं। बाद में उस सीट पर प्रवेश नहीं लिया जाता है। उन्होंने बताया कि जिन सीटों में विद्यार्थियों का रूझान कम हुआ है, उन सीटों के बारे में जानकारी विभागीय स्तर पर भेजी गई है। - राहुल कृष्ण शर्मा, प्रधानाचार्य, राजकीय आईटीआई अमरोहा
इन सीटों में प्रवेश के कम रुझान
- सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी प्रणाली रखरखाव (आईसीटीएसएम)
- स्विंग टेक्नोलॉजी
- फैशन डिजाइन टेक्नोलॉजी
- इंडस्ट्रियल रोबोटिक एंड डिजीटल मैन्युफैक्चरिंग
- ड्रेस मेकिंग
- प्लंबर
- जनरल पेंटर
कहां कितनी सीटें खाली
प्रशिक्षण संस्थान - कुल सीटें - रिक्त सीटें
अमरोहा - 456 - 118
गंगेश्वरी - 416 - 58
हसनपुर - 319 - 77
नौगांवा सादात - 396 - 110
गजरौला - 508 - 78