डीएम बालकृष्ण त्रिपाठी ने कहा कि जल के अत्याधिक दोहन के कारण पीने योग्य जल बहुत कम हो गया है। हम सभी को जल संरक्षण को लेकर जागरूक होना होगा। तभी हम आगामी पीढ़ी के लिए जल छोड़ पाएंगे। अत्याधिक दोहन के कारण जल के श्रोत खत्म हो रहे हैं। जागरूकता से ही बचाव संभव है।
वह शुक्रवार को कलक्टेट सभागार में राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अंतर्गत नमामि गंगे और ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग के तत्वाधान में जल जीवन मिशन हर घर नल योजना के अंतर्गत जनपद स्तर पर एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य फंक्शनल हाउस होल्ड टैप कनेक्शन, शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल और जल जनित बीमारियों से बचाव व पाइप पेयजल योजनाओं को सफलतापूर्वक संचालित कर जागरूकता, ग्राम स्तर पर लोगों को शुद्ध जल व जल के हो रहे दोहन के बारे में लोगों को जागरूक करना है। ताकि अनावश्यक जो जल घरेलू कार्य और अन्य कार्यों में बहाया जाता है, उसको लेकर जागरूक हो सकें। अधिक से अधिक जल संचयन कर सकें। नुक्कड़ पार्टियां प्रत्येक ग्राम पंचायत में जा-जाकर नुक्कड़ नाटक के माध्यम के जल के संचयन व दोहन के संबंध में लोगों को जागरूक करेंगी।
मुख्य विकास अधिकारी चंद्र शेखर शुक्ल ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों व बेहतरी के लिए जल संरक्षण बहुत ही आवश्यक है। यदि हम सब इस पर ध्यान नहीं दिए तो आने वालो समय में बहुत ही भयावह स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि हमें प्रत्येक तरह से जल संरक्षण करना होगा। बर्तनों को धोते समय नल बंद रखें, जब धुलाई करनी हो तब ही नल को खोलें। जल की धार हमेशा धीमी रखें और टपकते नलों को तुरंत ठीक कराएं।
गाड़ी की धुलाई पाइप लगाकर न करें बल्कि बाल्टी में पानी लेकर गाड़ी साफ करें, घर के आगे की सड़कों को अनावश्यक पानी से न धोए। इस दौरान एडीएम भगवान शरण, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) मायाशंकर, आकांक्षा सिंह अधिशासी अभियंता उत्तर प्रदेश जल निगम ( ग्रामीण), प्रदीप कुमार जिला विकास अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी दुर्गेश नंदिनी आदि मौजूद रहे।